बेमौसम बारिश से मंडियाें में बढ़ी परेशानी, कम आए ग्राहक
बेमौसम बारिश से लाेगों की परेशानी अचानक बढ़ गई है। शहर के माेहल्लाे अाैर मंडियाें में गंदगी फैली है। मारूफगंज, मंसूरगंज में चारों ओर कचरे से फिसलन हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि कारोबार प्रभावित हाे रहा है। हालांकि निगम की ओर से छोटे-बड़े नालों की उड़ाही शुरू हो चुकी है। शुक्रवार से ही रुक-रुक कर बारिश हाे रही है।
गुरु गोविंद सिंह पथ, गुलजारबाग, दादर मंडी, बोरी दास की भट्ठी, शेख बूचर का चौराहा, सैदपुर, शनिचरा रोड, नंदनगर, लोहरवा गली, चाई टोला, रामपुर नहर रोड, बाजार समिति बकरी मंडी, न्यू अजीमाबाद कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, शनिचरा, संदलपुर, रामकृष्ण कॉलोनी, बहादुरपुर मुसहरी, कस्तूरबा नगर, बाजार समिति परिसर, मंगल तालाब संपर्क पथ सहित अन्य रास्ताें से पानी ताे निकल चुका है, लेकिन फैली गंदगी से लाेगाें काे परेशानी हो रही है। वहीं, तंग गलियों से कचरा निकासी में कर्मियों को परेशानी हो रही है। उधर, बारिश के कारण पावर सब स्टेशन मंगल तालाब से जुड़े खाजेकलां व झाउगंज फीडर के आधे क्षेत्र की बिजली बाधित रही। मिरचाई गली दुर्गा अपार्टमेंट के पास शनिवार की दोपहर 11 केवी के केबुल में फॉल्ट आ गया। उसमें आग भी लगी। दो घंटे तक बिजली अापूर्ति बाधित रही।
चना, गेहूं, मसूर, सरसों की फसल को हुई क्षति
पुनपुन। शनिवार की दोपहर तक रुक रुक कर हो रही बारिश से खेतों में लगी फसल को क्षति पहुंची है। लखनपार के किसान सिंटू कुमार, कल्याणपुर के अशोक कुमार, राजेश्वर प्रसाद, अखिलेश यादव, कमला प्रसाद, सुनील पासवान, सोहराई चौधरी, अकौना पकौली के अखिलेश सिंह, बराह के अनिल कुमार ने बताया कि बारिश से फसल बर्बाद हो रही थी। बारिश के कारण सभी के 3-4 बीघा में लगी गेहूं , चना, मसूर, सरसों की फसल नष्ट हो गई। खेतों में लगी फसल बारिश के कारण बर्बाद गई।
बारिश के बाद मारूफगंज मंडी में पसरा रहा सन्नाटा।
फसल क्षति की शून्य रिपोर्ट की डीएओ ने की जांच
नौबतपुर। जिला कृषि पदाधिकारी राकेश रंजन ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी और कृषि समन्वयक द्वारा बारिश से फसल क्षति की भेजी गई शून्य की रिपोर्ट की शनिवार को जांच की। डीएओ प्रखंड के सरासत, चेचौल, करंजा समेत आधे दर्जन गांव के खेतों में जाकर फसल क्षति की स्थिति का जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रखंड आत्मा अध्यक्ष अजय कुमार के नेतृत्व में किसानों के शिष्टमंडल ने शुक्रवार को कृषि विभाग के सचिव से मिलकर लिखित शिकायत की थी कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा कृषि समन्वयक ने बिना खेत में गए फसल क्षति की शून्य की रिपोर्ट दे दी है। कृषि सचिव ने जिला कृषि पदाधिकारी को शिकायत की जांच का निर्देश दिया था।