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गले में वायरल इंफेक्शन के मरीज बढ़े, सर्दी-खांसी और बुखार जल्द ठीक नहीं हो तो स्वाइन फ्लू होने की आशंका
गले में वायरल इंफेक्शन से इन दिनों अधिकतर लोग पीड़ित हैं। शायद ही एेसा घर है, जिसका कोई सदस्य सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित नहीं है। इसका मुख्य कारण है-मौसम में बदलाव। कभी गर्मी तो कभी ठंड। वैसे यह वायरल इंफेक्शन है। लेकिन, प्रदूषण की वजह से एलर्जी से भी इस तरह की समस्या हो सकती है। यदि सिर्फ सर्दी-खांसी है, तो यह वायरल इंफेक्शन है और बुखार अाने लगा तो यह बैक्टेरियल इंफेक्शन में तब्दील हो जाता है। इसलिए ठंड से परहेज करने की जरूरत है। गले को बचाने के लिए गर्म कपड़ा लपेट कर रखें। रात में पंखा या एसी नहीं चलाएं। कुछ लोग हल्की गर्मी का अहसास होने पर पंखा और एसी चला देते हैं। हल्के गर्म पानी का सेवन करें। आइसक्रीम या अन्य ठंडे पेय पदार्थ के सेवन से बचें। वरीय फिजिशियन डॉ. राजीव रंजन प्रसाद के मुताबिक अधिकतर लोग गले में वायरल इंफेक्शन की वजह से पीड़ित हैं। यह समस्या ठंड और एलर्जी की वजह से उत्पन्न हुई है। इस बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
पीएमसीएच के वरीय पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. बीके चौधरी ने कहा कि लोग कोरोना वायरस को लेकर चिंतित हैं। लेकिन, अभी स्वाइन फ्लू को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पटना में स्वाइन फ्लू के केस मिल चुके हैं। दिल्ली, मुंबई अादि शहरों में स्वाइन फ्लू के मामले मिले हैं। वहां से होली की छुट्टियों में काफी लोग बिहार अाए हैं। उनसे भी यहां के लोगों को स्वाइन फ्लू का इनफेक्शन लगने की आशंका रहेगी। स्वाइन फ्लू में भी साधारण इनफ्लूएंजा का लक्षण मिलता है। स्वाइन फ्लू भी कोरोना से कम खतरनाक नहीं है। यदि यह इलाज के बाद भी सर्दी, खांसी, छींक, नाक से पानी अाना, बुखार कम नहीं होता है तो स्वाइन फ्लू की आशंका हो सकती है।
कोरोना वायरस ग्रसित देशों से लौटे144 लोग रखे गए हैं सर्विलांस पर
पटना|राज्य में अभी तक कोरोना वायरस का एक भी पॉजिटव केस नहीं मिला है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने 15 जनवरी से अभी तक कोरोना वायरस ग्रसित देशों से लौटे 144 यात्रियों को सर्विलांस पर रखा है। अभी तक राज्य में नेपाल और दूसरे देशों से आने वाले 1.30 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। गया और पटना एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और 18671 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। इंडो-नेपाल सीमा पर 49 जगहों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसमें से एक भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। इसमें से 53 लोगों का आब्जर्वेशन का 14 दिनों का समय पूरा हो गया है। शेष 68 लोग अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी मे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित संदिग्धों के लिए जहां गया मेडिकल कालेज में 20 बेड का आइसोलोटेड वार्ड बनाया गया है, वहीं राज्य के अन्य 8 मेडिकल कॉलेज व सभी सदर अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। सभी मेडिकल कॉलेजों में सैंपल जांच कलेक्शन सेंटर बनाया गया है, जहां कोई भी सशंकित व्यक्ति जांच करवा सकता है
रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट, ऑडियो और वीडियो क्लिप से किया जा रहा जागरूक
कोरोना वायरस काे लेकर रेलवे ने अलर्ट जारी किया है। रेलमंत्री अाैर रेलवे बाेर्ड के अध्यक्ष के निर्देश पर स्टेशनाें पर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व मध्य रेल के सीपीअारअाे राजेश कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर ऑडियो और वीडियो क्लिप चलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक घोषणाएं की जा रही हैं। रेलवे अस्पतालों में बुखार ग्रस्त व्यक्तियों को अन्य रोगियों से अलग रखा जा रहा है। बुखार के मरीजाें के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। चिकित्साकर्मियों को कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज मिलने पर इसकी सूचना रेलवे बोर्ड व स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को देने काे कहा गया है। सभी रेलवे अस्पतालों में नियंत्रण कक्ष और टेलीफोन हेल्पलाइन स्थापित किया गया है।