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15 दिन के अंदर ही दो बार पड़ चुकी है बेमौसम बारिश की मार, खेत में बर्बाद हो रहे सरसों के दाने

एक वर्ष पहले
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15 दिनों के भीतर जिले में दोबारा हुई तेज बारिश से गेहूं व सरसों व दलहन की फसलों में बड़े स्तर पर नुकसान हो गया है। किसानों के तिलहन व दलहन की फसलें तैयार होकर खेतों में ही बारिश व पिछले दिनों हुई पत्थर की मार से बर्बाद हो गई है। बता दें कि फरवरी 25 व 26 को जिले में 15 से 16 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। बारिश के बाद कृषि विभाग किसानों की फसलों के नुकसान के लिए आकलन शुरु हुआ है। अभी सभी पंचायतों से पूरी रिपोर्ट भी नही आ पाई थी कि दुबारा गुरुवार की रात्री से आकाश में बादल मड़राने लगे और सुबह हाेते होते जोरदार तेज बारिश होने लगी। बारिश के साथ ही तेज हवाओं के चलने से किसानों की खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई। इससे काफभ् नुकसान होने की बात बतार्द जा रही है। रेनुआ गांव के किसान सत्यदेव सिंह, जीतेन्द्र सिंह, रितेश सिंह आदि ने बताया कि खेती अब घाटे का सौदा साबित होने लगा है। उन्होंने बताया कि समय से हम लोग खेती किये थे। खाद पानी भी पूरे दिये थे। लेकिन प्रकृति को यह मंजूर नही रहा और जब फसल तैयार हुई तो तेज बारिश होने से किसानों के मंसूबे पर पानी फिर गया। बता दें कि जिले में इस बार 95 हजार हेक्टेयर खेतों में गेहूं की बुआई की गई है। अनाज उत्पादन का लक्ष्य करीब 35 हजार मैट्रिक टन रखा गया है। फरवरी माह व मार्च माह के दो बार की ही बारिश व ओलावृष्टि से करीब 15 हजार हेक्टेयर में खेती के नुकसान की उम्मीद है। ऐसे में करीब 10 से 20 फीसदी अनाज का उत्पादन कम होने की संभावना जताई जा रही है।

गेंहू के साथ ही तिलहन व दलहन फसलें भी नुकसान

बारिश होने से सबसे अधिक नुकसान तिलहनी फसलों जैसे सरसो राई आदि को नुकसान हुआ है। वहीं दलहनी फसलों में चना, मसूर, अरहर की फसलों के साथ ही गेहूं की फसलों को भी बारिश के साथ चली तेज हवा से गेहूं की फसल गिर गईं। जिससे पैदावार कम होने की संभावना ज्यादा बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके मंडल ने बताया कि इस समय सरसों और मटर की फसलों में दाने तैयार हो गए हैं। वहीं गेहूं की अगेती फसल में बाली निकल आई हैं। गेहूं की मध्यम फसल में बाली निकलने वाली हैं, इससे पौधे फल लेकर ऊपर की ओर से भारी हो गए हैं। जिसके गिरने से पैदावार प्रभावित होगा। वहीं गेंहू की फसल में दाने भी पतले होंगे।

जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार राव ने कहा कि नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। इस कार्य में कृषि विभाग के सभी कर्मियों को लगाया गया है। सर्वे के बाद ही नुकसान का अंदाजा लगाया जाएगा। उसके बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
अशोक कुमार राव, जिला कृषि पदाधिकारी, सीवान

इस बार की खेती हेक्टेयर में फसल बुआई हुई है

गेहूं 95,000

मक्का 13,000

दलहन 3,500

तिलहन 3,500

कुल खेती 1,15,000

कृषि विभाग करा रहा सर्वे

जिला कृषि विभाग की माने तो पहले ही फसलों की नुकसान की बात बताई जा रही थी। जिससे पैदावार में 10 फीसदी तक की कमी मान कर विभाग ने नुकसान का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम ग्रामीण क्षेत्र में भेजकर आकलन भी कराया जा रहा है। तबतक फिर से बारिश हो जाने से किसानों के सामने बिकट स्थिति पैदा हो गई है। पिछले फरवरी माह में सबसे अधिक बारिश हसुनपुरा में 34 एमएम और सबसे कम दरौंदा में सबसे कम 2 एमएम बारिश हुई थी। कई प्रखंडों में तो तेज हवा व पत्थर पड़ने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।

बारिश से हजारों एकड़ फसल बर्बाद

रघुनाथपुर| प्रखंड क्षेत्रों में शुक्रवार को सुबह में तेज हवा के साथ हुई बेमौसम के बारिश से किसानों के हजारों एकड़ की फसल बर्बाद होने के कगार पर आ गई है। बारिश से खेतों में लगी सभी गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। वहीं अरहर की खड़ी फसलें भी जमीन पर लूढक कर बर्बाद हो गई है। सरसों राई आदि की तैयार फसलें तो कुछ खेतों में तो कुछ खलिहान में बार्बाद हाे रही है। वहीं चना, खेसारी, मूंग आदि की फसलें भी बारीश में काफी नष्ट हो चुका है। इस बारीश के प्रभाव से राजपुर, संठी, खुजवा, कुशहरा, चकरी, नरहन, बडुआ, गंभीरार, पंजवार आदि सभी पंचायतो में लगभग हाजारों एकड फसल बरवाद हो चुकी हैं। किसान रामचन्द्र सिंह, बिपीन सिंह, कृष्णा कुमार सिंह, मनोज कुमार चौरसिया, विश्वनाथ यादव आदि दर्जनों किसानों ने फसल बर्बाद होने से मुआवजे की मांग की है।

बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

दरौंदा| शुक्रवार को सुबह से ही रुक रुक कर हुईं बारिश ने किसानों की और चिंता बढ़ा दी हैं। रबी फसलों को काफी नुकसान आज की बारिश का दुष्प्रभाव रबी फसलों पर होना तय है। खासकर दलहन फसलों मसूर, अरहर व तिलहन में सरसों की फसल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसान संजय कुमार यादव, तारकेश्वर सिंह,बीरन यादव, शंभू नाथ सिंह, दिनेश राम, दूधनाथ यादव, केशव सिंह कौशल सिंह भूषण सिंह, राजेश यादव,जई राम, कृष्ण शर्मा आदि किसानों ने कहा कि धान के समय अधिक बारिश की पानी होने के कारण धान की भी फ़सल डूब गई। जिससे किसानों के समक्ष भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। इधर गेहूं की जब फ़सल तैयार हो गई तब लगातार बारिश हो रही है जिसे किसानों की चिंता और बढ़ गई। वहीं दुसरी ओर क्षेत्र के दुकानदार प्रवीण कुमार सिंह, बबलू यादव, मनीष कुमार कौशल कुमार,उमा मोची, पास पति यादव आदि ने स्टेशन परिसर में लग रहें बारिश के पानी की निकासी की मांग की हैं।

फरवरी 25 और 26 को जिले में 15 से 16 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी
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