महिलाएं पुरुषों से कम नहीं, घर के साथ संभाल रहीं दुनियादारी भी : डॉ. कुमारी
कृषि वैज्ञानिक केंद्र में विश्व महिला दिवस मनाया गया। उद्घाटन केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी,थानाध्यक्ष विपिन कुमार ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. कुमारी ने विश्व महिला दिवस के इतिहास की चर्चा करते हुए बताया कि 1908 को एक मजदूर आंदोलन से निकलकर 15 हजार महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च निकालकर महिलाओं काम के घंटे को कम करने बेहतर वेतन देने की मांग की थी। जबकि विश्व में प्रथम वार 1910 में क्लारा जेटकिंग ने कोपेनहेगन में सुझाव दिया था। महिलाएं किसी मायने में पुरुषों से कमजोर नहीं है। घर के साथ दुनियादारी भी संभाल रही हैं। केवीके के प्रमुख वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत होकर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। मौके पर कृषि अभियंता कृष्ण बहादुर, पूनम कुमारी, सनम कुमारी, ज्योति कुमारी, सुशीला देवी, देवन्ति देवी, गुड्डी कुमारी, प्रमिला देवी, संध्या देवी, लक्की सिंह, मधु सिंह, चिंता देवी, सरेहर देवी, अन्नू कुमारी सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थी।
विश्व में प्रथम वार 1910 में क्लारा जेटकिंग ने कोपेनहेगन में सुझाव दिया था। महिलाएं किसी मायने में पुरुषों से कमजोर नहीं है। घर के साथ दुनियादारी भी संभाल रही हैं। केवीके के प्रमुख वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत होकर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। मौके पर कृषि अभियंता कृष्ण बहादुर, पूनम कुमारी, सनम कुमारी, ज्योति कुमारी, सुशीला देवी, देवन्ति देवी, गुड्डी कुमारी, प्रमिला देवी, संध्या देवी, लक्की सिंह, मधु सिंह, चिंता देवी, सरेहर देवी, अन्नू कुमारी सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थी।