मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर कोरोना से निजात की प्रार्थना की

Patna News - कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के प्रकोप के बावजूद इस चैत्र नवरात्र में साधक माता को प्रसन्न करने में जुटे हैं ।...

Mar 27, 2020, 07:55 AM IST
Patna News - worshiped mother brahmacharini and prayed to get rid of corona

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के प्रकोप के बावजूद इस चैत्र नवरात्र में साधक माता को प्रसन्न करने में जुटे हैं । एकांतवास में भगवती की पूजा-पाठ, जाप, हवन आदि कर रहे हैं । भक्तों ने गुरुवार को माता के दूसरे रूप में ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा कर अपनी मनोकामना पूर्ति और देश में फैली महामारी से निजात के लिए प्रार्थना की । शुक्रवार को माता के तीसरे रूप में देवी चंद्रघंटा की पूजा होगी । आचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि को माता चंद्रघंटा की उपासना होती है। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंध अतिप्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। देवी चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है तथा सौभाग्य, शांति एवं वैभव की प्राप्ति होती है। भगवती चंद्रघंटा की उपासना करने से उपासक को आध्यात्मिक और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। जो श्रद्धालु इस दिन श्रद्धा एवं भक्ति पूर्वक दुर्गा सप्तशती का पाठ करता है, वह संसार में यश, कीर्ति एवं सम्मान को प्राप्त करता है। माता चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना भक्तों को सभी जन्मों के कष्टों और पापों से मुक्त कर भूलोक तथा परलोक में कल्याण करती है।

ऐसा होता है देवी चन्द्रघंटा का स्वरुप

ज्योतिषी झा के मुताबिक माता दुर्गा के तीसरे स्वरुप का नाम चंद्रघंटा है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है, इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा गया है। चंद्रघंटा देवी का स्वरूप सोने के समान कांतिवान है। देवी मां की दस भुजाएं हैं और दसों हाथों में खड्ग, बाण है। मां चंद्रघंटा के गले में सफेद फूलों की माला रहती है। माता चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना से देवी अपने भक्तों के सर्व पाप हर लेती हैं और उसके काम के बीच आने वाली बाधाओं को नष्ट करती हैं। मां चंद्रघंटा सिंह पर सवार हैं, इसलिए इनकी पूजा करने वाला पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। मां चंद्रघंटा के माथे पर अर्धचंद्र सुशोभित है इसलिए इनकी आराधना से स्वभाव में विनम्रता तो आती ही है साथ ही मुख, नेत्र और संपूर्ण काया में कांति-गुण में वृद्धि होती है।

गाेलघर स्थित अखंडवासिनी मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते पुजारी।

X
Patna News - worshiped mother brahmacharini and prayed to get rid of corona

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना