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कश्मीर घाटी में बाहरी मजदूराें से मारपीट, 5000 मजदूर जम्मू पहुंचे

2 वर्ष पहले
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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कई इलाकों और रेड जोन में शिवसेना के नेता के संदेश वाले पोस्टर लगे मिले। पुलिस के अनुसार कई जगहों पर छापे मारे गए हैं और तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

 

श्रीनगर में दुकानें खुलीं, सड़काें पर अावाजाही

जम्मू-कश्मीर में धारा-144 बरकरार, इंटरनेट सेवाएं बंद

भास्कर न्यूज|नई दिल्ली

जम्मू और कश्मीर के सभी जिलों में गुुरुवार को भी धारा-144 जारी रही। सभी स्कूल-कॉलेज अनिश्चित काल के लिए बंद हैं। सभी स्कूलों और यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी अगले आदेश तक राेक दी गई हैं। राज्य के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर में गुरुवार को कुछ दुकानें खुलीं, सड़कों पर लोगों की आवाजाही जारी है। लोग दोपहिया वाहनों और कारों से अा-जा रहे हैं। हालांकि पथराव की कुछ घटनाएं हुईं हैं। सुरक्षा बलाें ने एक परिवार की शादी में उनकी मदद की। कश्मीर से कई वीडियो आए हैं, जिसमें लोगों को दुकानें खोलते हुए, चलते हुए, मोटर साइकिल चलाते हुए और श्रीनगर की सड़कों पर कार चलाते हुए दिखाया गया है। कुपवाड़ा से जारी एक वीडियाे में लोग कह रहे हैं कि वे शांति चाहते हैं और सरकार के फैसले पर खुश हैं। कुलगाम के रतन लाल ने कहा कि अावाजाही सामान्य है, पर श्रीनगर से जम्मू के लिए जा रहे बाहरी लाेगाें से टैक्सी वाले 2500 से 3 हजार रु. तक वसूल रहे हैं।

अनुच्छेद 370 हटने के तीसरे दिन जम्मू में शांति कायम, फ्लैग मार्च

श्रीनगर में जुम्मे की नमाज, बकरीद और 15 अगस्त के मद्देनजर कड़ी चौकसी

टैक्सी चालक घाटी से जम्मू जा रहे लाेगाें से 3 हजार रुपए तक किराया वसूल रहे हैं

पाकिस्तान में शिवसेना का पोस्टर

फैसला: जम्मू-कश्मीर आरक्षण द्वितीय संशोधन विधेयक राज्यसभा से वापस

केंद्र सरकार ने राज्यसभा से बुधवार काे जम्मू-कश्मी आरक्षण द्वितीय संशोधन विधेयक वापस ले लिया। पहले इसे लोकसभा से वापस लिया गया था। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अनुच्‍छेद-370 हटने के बाद विधेयक का प्रावधान स्वत: ही राज्य में लागू हो जाएगा। इसलिए अब इस विधेयक की काेई जरूरत नहीं है। बुधवार अनुच्छेद 370 को हटाने से संबंधित 4 विधेयकों पर राष्ट्रपति ने मुहर लगा दी। यह अब गजट बन गया।

आतंकी हाफिज सईद दोषी करार, पाक की गुजरात जेल में शिफ्ट होगा

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को पाकिस्तान की एक अदालत ने दोषी करार दिया गया है। हाफिज से जुड़ा मामला अब लाहौर की अदालत से पाकिस्तान के गुजरात में शिफ्ट कर दिया गया है। पाकिस्तान की एंटी टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने ही हाफिज को 7 अगस्त तक की न्यायिक हिरासत में भेजा था। बुधवार को सुनवाई में गुजरांवाला कोर्ट ने केस को गुजरात में शिफ्ट करने का आदेश दिया।

ब्रिटेन: कश्मीर की स्थिति पर करीबी नजर, कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद मोदी के साथ

ब्रिटिश सरकार ने कहा कि वह कश्मीर की स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। साथ ही उसने शांति का माहौल बनाए रखने का अाग्रह किया है। जम्मू-कश्मीर राज्य के बंटवारे और अनुच्छेद 370 को हटाने संबंधी भारत सरकार के फैसले को लेकर ब्रिटिश सांसद बंटे दिखाई दिए। कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा, ‘मैं अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का समर्थन करता हूं, मोदी ने भाजपा के घोषणापत्र के अनुसार काम किया।’

अमेरिका: पाकिस्तान प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे

अमेरिका ने पाकिस्तान से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और आकाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। इसके अलावा कार्रवाई में कुछ ठोस कर दिखाने के लिए भी बोला है। ताकि कई देशों की चिंताएं दूर की जा सकें और इस्लामाबाद को वित्तीय कार्रवाई बल(एफएटीएफ) की ग्रे सूची से बाहर निकलने में मदद मिले। एफएटीएफ ने कहा था कि पाक आतंकवाद के वित्त पोषण पर अपनी कार्य योजना को पूरा करने में नाकाम रहा है।

जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी, मजदूरों को भेजा जा रहा उनके राज्य

जम्मू |
अनुच्छेद-370 के खात्मे के बाद कश्मीर घाटी में बाहरी मजदूराें काे भगाया जा रहा है। कुछ मजदूराें के साथ मारपीट भी हुई है। तनाव काे देखते हुए बड़ी संख्या में बाहरी मजदूर अपने घराें काे लाैट रहे हैं। घाटी से बुधवार काे करीब 5000 से ज्यादा बाहरी मजदूर जम्मू पहुंचे हैं। इससे जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है अाैर अफरा-तफरी की स्थिति है। टिकट काउंटर पर लंबी भीड़ लग रही है। भीड़ काे नियंत्रित करने अाैर यात्रियाें की मदद के लिए रेलवे ने जीअारपी जवानाें काे तैनात किया है। इसके अलावा मजदूरों बसों के सहारे भी अपने राज्यों को लौट रहे हैं। मजदूराें ने अाराेप लगाया है कि उन्हें घाटी से जबरन भगाया जा रहा है, मारपीट भी हाे रही है।

 

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख से एक गुलदस्ता बनता है, सरकार को विपक्ष की सुननी चाहिए: जोशी

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के लिए जनसंघ के जमाने से संघर्ष करने वाले भाजपा के वरिष्ठतम नेता और मार्गदर्शक डॉ. मुरली मनोहर जोशी की भास्कर के संतोष ठाकुर से विशेष बातचीत...

370 की पूरी लड़ाई आज इस मुकाम तक पहुंची, इस सफर को कैसे देखते हैं?

इतिहास का एक लंबा दौर है। आजादी के बाद पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी का था। देश की एकता-अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए एक राजनैतिक पार्टी के अध्यक्ष का बलिदान होता है। उस पार्टी ने इस बात को याद रखा। ये केवल राजनीतिक नहीं, चुनाव में हमें वहां क्या मिलेगा। इसमें चुनावी दृष्टिकोण अहम नहीं था। चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अहम होता है, पर उससे भी महत्वपूर्ण भारतीय जनसंघ-भाजपा ने देश की एकता-अखंडता, सुरक्षा को दिया। यह ऐसा मुद्दा है, जिसे ओझल नहीं कर सकते यह देश को समझाया।

इस सफलता को आप कैसे महसूस करते हैं, आप इस आंदोलन में अहम हिस्सा रहे हैं?

अंतिम परिणाम तक पहुंच गई और अब इसमें आगे क्या होगा यह समय बताएगा। जनता या राजनीतिक दल कितनी बुद्धिमानी दिखाएंगे। सही तरीके से इस फैसले को आगे बढ़ाया गया तो बहुत लाभकारी होगा, इसमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी हमारी है, क्योंकि हम केंद्र सरकार में है और आगे जिसकी भी जिम्मेदारी हो। पर केंद्र की बहुत जिम्मेदारी होगी, क्योंकि अव वह केंद्र शासित प्रदेश है।

कहा जा रहा 370 खत्म होने से आतंकवाद खत्म हो जाएगा, क्या आप भी ऐसा मानते हैं?

370 के कारण से जो चीजें आई थीं अब वो उनकी जड़ें या बुनियाद बहुत गहरी हुई हैं। पर 370 को लेकर हम आतंकवाद के लिए थोड़े न लड़ रहे थे। जब 370 के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी तो कश्मीर में आतंकवाद ऐसा नहीं था। पाकिस्तानी, आईएसआइ, तालिबानी जैसे नहीं थे। सिर्फ पाकिस्तानी घुसपैठिए थे, जिसने एक-तिहाई कश्मीर पर कब्जा किया था। हमारी लड़ाई कश्मीर को केंद्रीय व्यवस्था में अन्य राज्यों के समान लाने की थी। पर वो नहीं हुआ था, उसकी वजह से कश्मीर में परिस्थिति ऐसी आईं। क्योंकि आपने वहां अलग अधिकार दिए, अलग सरकार बनाई।

लेकिन, ये संदेश दिया जा रहा है कि आतंकवाद खत्म हो जाएगा..

देखिए, ये आतंकवाद को रोकने में सुविधा ज्यादा होगी। आतंकवाद के समर्थकों को घाटी में नियंत्रित करने में शायद पहले से अधिक आसानी होगी। लेकिन आतंकवाद बाहर से आ रहा है। इसके दो पहलू हैं- एक बाहर से और दूसरा अंदर वाले को प्रभावित किया है। ऐसे में सभी को मिलकर इसे समाप्त करने में समय और सहयोग देना चाहिए।

सरकार के कदम पर आरोप लग रहा है कि सबको भरोसे में नहीं लिया, कैसे देखते हैं?

देखिए, मैं इमरजेंसी का समर्थक नहीं हूं, ना था, मैं तो भुक्तभोगी हूं। लेकिन जब इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई तो किसी को भरोसे में लिया था क्या? हमारे युद्ध हुए हैं तो क्या हरेक को बताकर हुआ, परमाणु का विस्फोट हुआ तो क्या हरेक को मालूम हुआ था। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो राज्य संस्थाएं के हाथ में छोड़नी पड़ती है। वह जब उचित समय, उचित स्थान देखती हैं, तब करती हैं। अब राज्य जो है एक राजशाही तो है नहीं, तो उसका सम्मान करना चाहिए।

अब अागे सरकार को क्या कदम उठाना चाहिए, आपकी ओर से कोई सलाह?

ये तो सरकार को तय करना है। लेकिन हम मोटी बात कह सकते हैं कि वो कदम उठाना चाहिए, जिससे तीनों हिस्सों- जम्मू, कश्मीर, लद्दाख में इनमें परस्पर समन्वय और सामंजस्य बना रहे। प्रत्येक संप्रदाय और जाति में तनाव न हो, उनमें सौहार्द्र हो, भाईचारा हो। इस तरह के कदम उठाने चाहिए।सरकार को सभी राजनैतिक दलों का सहयोग प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। वे कितना देंगे या नहीं देंगे, ये उन पर निर्भर करता है। मेरी राय में केंद्र सरकार की ओर से उन्हें मौका देना चाहिए। भले दल अपनी वैचारिक राजनीति वे करते रहें। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख मिलाकर एक गुलदस्ता बनता है, ऐसे में विपक्ष के सुझाव पर भी ध्यान देना चाहिए और खुले दिल से सुनना चाहिए, ताकि यह बिखरे नहीं।

डॉ. मुरली मनोहर जोशी, भाजपा के वरिष्ठ नेता

राम माधव कह रहे हैं कि अब समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ने का समय आ गया हैं?

ये अलग बात है। क्या समय आएगा क्या नहीं आएगा, इसको इससे क्यों जोड़ते हो। इससे इसका महत्व कम करते हो। तीन तलाक पर पिछली बार भी विचार हुआ था। सरकार की घोषित नीति थी कि 370 को समाप्त करे, कर दिया।

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