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रामजानकी ठाकुरबाड़ी से 1927 में स्थापित भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की 35 किलो अष्टधातु से बनी करोड़ों की मूर्ति चोरी

Purnia News - रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट के लोगों ने बताया कि ठाकुरबाड़ी के नाम से 22 बीघा जमीन है। इसमें लगभग 5 बीघा...

Mar 13, 2020, 09:06 AM IST

रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट के लोगों ने बताया कि ठाकुरबाड़ी के नाम से 22 बीघा जमीन है। इसमें लगभग 5 बीघा जमीन को स्थानीय कुछ लोगों ने अतिक्रमित कर लिया है। अतिक्रमण हटाने के लिए 10 दिन पहले लगभग 100 लोगों को पूर्णिया पूर्व प्रखंड के अंचलाधिकारी की ओर से अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नोटिस दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद कुछ लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि ठाकुरबाड़ी की जमीन की घेराबंदी के लिए बिहार सरकार से लगभग एक करोड़ की राशि दी गई है। घेराबंदी के बाद यहां विवाह भवन आदि का निर्माण कराए जाने की योजना है। यहां के लोगों को सहयोग करना चाहिए।

मौके पर नहीं पहुंचती पुलिस तो हो सकता था बड़ा हादसा, मूर्ति चोरी की घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं

मूर्ति चोरी की घटना के बाद लोगों में महंत संत मुरारी दास के व्यवहार को लेकर काफी आक्रोश दिखा। लोगों ने बाबा पर कई आरोप लगाए। मूर्ति चोरी की घटना से अधिक लोग बाबा को लेकर आक्रोशित थे और यदि समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो कुछ भी बड़ा हादसा हो सकता था। मूर्ति चोरी की घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं, इस बात की भी लोग चर्चा कर रहे हैं। विहिप के जिलाध्यक्ष पवन कुमार पोद्दार ने बताया कि मूर्ति चोरी से अधिक लोग बाबा के व्यवहार को लेकर आक्रोशित थे, इसकी वजह क्या है। यह बाबा को बदनाम करने की साजिश है। ठाकुरबाड़ी की जमीन पर कुछ लोगों की नजर है और यही वजह है कि लोग बाबा को यहां से हटाने का कुचक्र रच रहे हैं। ठाकुरबाड़ी से करोड़ों की मूर्ति चोरी हुई। इसे लेकर लोगों में चिन्ता नहीं दिखी, लेकिन कुछ लोग इसी बहाने बाबा को अपने कोपभाजन का शिकार बनाते जरूर दिखे।

जिले की सीमा सील, आने-जाने वालों पर नजर

रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रोहित प्रसाद यादव समेत अन्य सदस्यों ने बताया कि भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की तीन अति प्राचीन मूर्तियाें की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपए है। मूर्ति चोरी की सूचना मिलते ही एसपी विशाल शर्मा समेत तीन थानों की पुलिस रामजानकी ठाकुरबाड़ी पहुंचकर मामले की जांच की। एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि रामजानकी ठाकुरबाड़ी में भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की बेशकीमती मूर्ति की बरामदगी के लिए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। जिले की सीमाओं को सील कर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी में इसी जगह विराजमान थी अष्टधातु की राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्ति।

ठाकुरबाड़ी के नाम से 22 बीघा जमीन, लगभग पांच बीघा जमीन अतिक्रमित, 10 दिन पहले 100 लोगों को नोटिस

भास्कर न्यूज | पूर्णिया

शहर के रजनी चौक स्थित रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी से बुधवार देर रात अष्टधातु की करोड़ों की तीन मूर्तियां चोरी हो गई हैं। चोरों ने वारदात से पहले सीसीटीवी कैमरे का रुख मोड़ दिया और डीवीआर से भी छेड़छाड़ की। भगवान राम की मूर्ति लगभग तीन फीट की है, जबकि सीता व लक्ष्मण जी की मूर्ति ढाई-ढाई फीट की हैं। 1927 में स्थापित तीनों मूर्ति का वजन 35 किलो से अधिक है। घटना के बाद से ठाकुरबाड़ी के महंत के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है। घटना के बाद पुलिस अपने सुरक्षा घेरे में मंदिर के महंत और अन्य पुजारी को सुरक्षित स्थान पर ले गई है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। बताया जाता है कि 10 दिन पहले ठाकुरबाड़ी की जमीन का अतिक्रमण कर बसे लोगों को खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था।

ठाकुरबाड़ी के महंत संत मुरारी दास ने पुलिस को बताया है कि ठाकुरबाड़ी से मूर्ति की चोरी की जानकारी उन्हें सुबह पांच बजे सोकर उठने के बाद लगी। बुधवार की रात लगभग 12 बजे मंदिर के गेट के सामने बरामदे पर सोए थे और चाबी बगल में रख दी थी। अपराधी कब मंदिर परिसर में घुसे और चाबी से मंदिर खोलकर वहां विराजमान तीनों मूर्तियों की चोरी कर ली, इसका पता नहीं चल पाया। चोरों ने भगवान राम, सीता व लक्ष्मण जी का चांदी का मुकुट आदि खोलकर नीचे रख दिया और तीनों मूर्ति पीछे के रास्ते से लेकर फरार हुआ है। कुछ चढ़ावे का सिक्का व सीता जी के बाल आदि दीवार के समीप गिरा हुआ मिला है। दीवार पर पैर के भी निशान मिले हैं। मंदिर के महंत संत मुरारी दास ने मंदिर में हुई चोरी की सूचना मंदिर कमेटी के सदस्यों, विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष व स्थानीय थाने को दी।

विहिप समेत अन्य संगठन का केन्द्र रहा है ठाकुरबाड़ी

मंदिर में चोरी की सूचना जंगल की आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। सूचना मिलते ही विहिप समेत अन्य धार्मिक संगठन के दर्जनों लोग व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में इकट्‌ठा होने लगे। रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी विश्व हिन्दू परिषद समेत अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों का केन्द्र रहा है। यहां कई बड़े धार्मिक आयोजन भी होते रहे हैं। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रोहित प्रसाद यादव ने बताया कि ठाकुरबाड़ी में 1927 में अष्टधातु की भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की मूर्ति स्थापित की गई थी। मौके पर मौजूद ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट के सदस्य रंजन सिंह,चंद्रशेखर वर्मा,राजेन्द्र गुप्ता,धनश्याम दास,चितरंजन यादव,अजय प्रसाद सिंह,विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष पवन कुमार पोद्दार ने पुलिस प्रशासन से चोरी हुई मूर्ति की बरामदगी की मांग की।

{12 बजे रात में मंदिर के गेट के सामने बरामदे पर सोए थे महंत, सुबह उठे तो मूर्तियां थी गायब, एसपी ने की जांच

{10 दिन पहले ठाकुरबाड़ी की जमीन का अतिक्रमण कर बसे लोगों को खाली करने के लिए दिया गया था नोटिस

{महंत के खिलाफ फूटा गुस्सा, सुरक्षा घेरे में मंदिर के महंत व अन्य पुजारी को पुलिस ले गई सुरक्षित स्थान पर

अष्टधातु की मूर्ति चोरी होने के बाद भीड़ को समझाते एसपी विशाल शर्मा व अन्य।

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