आंचलिक कार्यलय के विलय पर बैंक प्रबंधन अटका रही रोड़ा : विजय
पूर्णिया | पूर्णिया स्थित एसबीआई आंचलिक कार्यालय का विलय भागलपुर में किया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह निर्णय भारतीय स्टेट बैंक को यस बैंक के वर्तमान संकट जैसे भीषण मुसीबत की ओर ढकेलने वाला है। जिसके जिम्मेवार बैंक प्रबंधन द्वारा लिए गए गलत निर्णयों के कारण ही होने वाला है।
समाजसेवी विजय श्रीवास्तव ने स्पष्ट करते हुए कहा कि आजकल भिखारियों द्वारा भी एक रुपए का सिक्का स्वीकार नहीं किया जाता है, परंतु दस पैसे, बीस पैसे, पचास पैसे जैसी छोटी रकमों की कटौती विभिन्न तरह के चार्जों के नाम पर स्टेट बैंक खुलेआम करती है। अपना भवन, अपना आवास एवं अपना प्रशिक्षण केंद्र छोड़कर आंचलिक कार्यालय को पूर्णिया से भागलपुर में विलय करना जघन्य जुर्म है। आम आदमी से विभिन्न प्रकार के चार्ज से वसूलने वाले ऐसे बैंक प्रबंधकों की आंखों पर आखिर किस प्रकार का चश्मा लगा हुए है, जिनसे उन्हें प्रतिमाह करोड़ों रुपया चुना बैंक को लगाने में लगा हुआ है। ऐसे प्रतित होता है कि भागलपूर में स्थित किसी खास व्यक्ति के भवन में इसे शिफ्ट करने की कोशिश में बैंक प्रबंधन लगा हुआ है।