ओडीएफ में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुखिया होंगे सम्मानित
जिले को ओडीएफ बनने में सिर्फ 85,130 शौचालय की जियो टैगिंग शेष बची है। जियो टैगिंग का काम पूरा होने के साथ ही जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।
उक्त जानकारी जिलाधिकारी राहुल कुमार ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान दी। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गत 2 अक्टूबर 2014 से ही स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत की गई है। लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक जिला पूर्णरूपेण खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाया है। कहा कि अभी भी 85 हजार 130 शौचालय की जिओ टैंगिग बाकी है। कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के कुछ पंचायतों में जनप्रतिनिधियों के द्वारा बेहतर काम किया गया है। जिसमें से बैसा प्रखंड के रायबेर पंचायत में 100 प्रतिशत शौचालय की जिओ टैगिंग हो चुकी है तथा लगभग 66 प्रतिशत भुगतान भी हो चुका है।
वहीं अमौर के डहुआबाड़ी पंचायत में 99.65 प्रतिशत जिओ टैगिंग हुई है तथा 72 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। बीकोठी के अरबन्ना चकला में 91 प्रतिशत जिओ टैगिंग हुई है तथा 78.30 प्रतिशत भुगतान हो चुका है।
डगरूआ के तेगढ़ा के 80.56 प्रतिशत जिओ टैगिंग हुई है तथा 35 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। कसबा के मोहनी टिक्कापुर पंचायत में 100 प्रतिशत जिओ टैगिंग हुई है तथा 58.57 प्रतिशत भुगतान हुआ है। रूपौली के कोईली सिमरा वेस्ट में भी 100 फीसद जिओ टैगिंग हुई है तथा 53.09 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। डीएम ने सभी पंचायतों के मुखिया की तारीफ करने के साथ साथ बुके देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में उसी तरह काम होना चाहिए।
50 हजार नए परिवार जुड़े योजना से, 31 मार्च तक जिला को ओडीएफ बनाने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान 50 हजार वैसे परिवारों को जोड़ा गया है जो पहले छूट गए थे। उन्होंने वैसे लाभुक जिनके द्वारा अभी तक शौचालय का निर्माण नहीं करवाया गया है उनसे 31 मार्च तक शौचालय निर्माण कराकर भुगतान प्राप्त कर लेने की अपील की। साथ ही कहा कि जहां भूमि नहीं है, वहां सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुखिया को सम्मानित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से 31 मार्च तक हर हाल में जिले को ओडीएफ बनाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान प्रशिक्षु आईएएस सह कसबा बीडीओ प्रतिभा रानी, अपर समाहर्ता सह उप विकास आयुक्त तारीक इकबाल, निदेशक, डीआरडीए, सभी एएसडीएम, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी के अलावा कमजोर प्रदर्शन करने वाले 50 पंचायतों के मुखिया उपस्थित थे।