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कॉलेजों की तेज होगी जांच, गड़बड़ी करने वालों की तैयार होगी रिपोर्ट

राज्य की उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कक्षाओं के नियमित आयोजन व शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति पर काफी जोर दिया गया...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 04:27 AM IST
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राज्य की उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कक्षाओं के नियमित आयोजन व शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति पर काफी जोर दिया गया है। इसके लिए राज्य सरकार व राजभवन की ओर से तमाम उपाय किए गए हैं। सरकार ने माना है कि गड़बड़ी को दूर करने के लिए कॉलेजों की जांच के मैकेनिज्म में सुधार की जरूरत है। इस स्थिति की समीक्षा की जरूरत राजभवन के स्तर पर भी महसूस की गई। राजभवन ने इस मसले में कॉलेज इंस्पेक्टर्स की बैठक बुलाई। साइंस, आर्ट्स व कॉमर्स संकाय के कॉलेज इंस्पेक्टरों के साथ बैठक में कॉलेजों की जांच का मुद्दा उठा। राजभवन ने साफ कर दिया है कि कॉलेजों की जांच की कार्रवाई अब नियमित तौर पर होगी। खासकर एफिलिएटेड कॉलेजों में शिक्षण का स्तर बेहतर बनाने के लिए कॉलेज इंस्पेक्टरों को नियमित तौर पर जांच करनी होगी। इसकी रिपोर्ट राजभवन को देनी होगी। कॉलेजों की जांच के क्रम में वहां की शैक्षणिक व अन्य व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। राजभवन ने कॉलेज इंस्पेक्टरों से कहा है कि उनकी भूमिका काफी अहम है। राजभवन व सरकार उच्च शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। ऐसे में कॉलेज इंस्पेक्टरों को यह देखना होगा कि राजभवन व सरकार के दिशा-निर्देशों का कॉलेज स्तर पर पालन हो रहा है या नहीं। अंगीभूत कॉलेजों में जांच के लिए तमाम कार्रवाई हो रही है। शिक्षकों की उपस्थिति की जांच बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के जरिए कराए जाने की कवायद चल रही है।

सरकार ने माना है कि गड़बड़ी को दूर करने के लिए कॉलेजों की जांच के मैकेनिज्म में सुधार की जरूरत है

बीएड कॉलेजों की जांच का जिम्मा कॉलेज इंस्पेक्टर्स पर, हकीकत का पता लगाया जाएगा

बीएड कॉलेजों की भी जांच का जिम्मा कॉलेज इंस्पेक्टर्स पर है। कॉलेज इंस्पेक्टरों के माध्यम से राजभवन वैसे बीएड कॉलेजों की जांच कर सकती है, जिन्होंने अब तक फैकल्टी के बारे में जानकारी नहीं दी है। ऐसे बीएड कॉलेजों का निरीक्षण कर जमीनी हकीकत का पता लगाया जाएगा। राजभवन व सरकार का साफ तौर पर मानना है कि बीएड कॉलेजों में भविष्य के शिक्षक तैयार किए जा रहे हैं। वहां की शिक्षण व प्रशिक्षण व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। इससे ही बेहतर शिक्षकों को तैयार कराने में मदद मिलेगी।

एप पर फोटो अपलोड न करने वाले बीएड कॉलेजों की संख्या (विश्वविद्यालयों से संबद्धता के आधार पर)

विश्वविद्यालय का नाम बीएड कॉलेजों की संख्या

मगध विवि, बोधगया 40

एमएमएच अरबी एंड पर्शियन विवि 18

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय 17

बीआरए बिहार विवि, मुजफ्फरपुर 15

विश्वविद्यालय का नाम बीएड कॉलेजों की संख्या

पूर्णिया विश्वविद्यालय 07

वीर कुंवर सिंह विवि, आरा 06

जय प्रकाश विवि, छपरा 04

आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी 02

109 बीएड कॉलेजों से फोटो अपलोड किए जाने में सामने आई गड़बड़ी, अधिक मगध विवि से संबद्ध

पूर्व राज्यपाल व कुलाधिपति सत्यपाल मलिक ने बीएड कॉलेजों की लगातार जांच कराकर एक माहौल तैयार करने की कोशिश की थी। बीएड कॉलेजों में कक्षाओं के आयोजन के मामले पर उन्होंने एक एप तैयार कराया था। बीएड कॉलेज मॉनिटरिंग एप के जरिए बीएड कॉलेजों से शिक्षक से लेकर कक्षाओं तक के आयोजन का डाटा व फोटो मंगाया जा रहा है। कई बीएड कॉलेज इस एप पर फोटो व डाटा अपलोड नहीं कर रहे हैं। इसका आंकड़ा सामने आया है। विभिन्न विवि के 109 बीएड कॉलेजों से कक्षा आयोजन का फोटो अपलोड नहीं करने का मामला सामने आया है।

एफिलिएटेड कॉलेजों की नियमित जांच होगी

एफिलिएटेड कॉलेज अभी इस कार्य में पिछड़े हैं। ऐसे कॉलेजों को सरकार से ग्रांट भी मिलता है। इन कॉलेजों में शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए नियमित जांच की जिम्मेदारी कॉलेज इंस्पेक्टरों को दी गई है। राजभवन ने कहा है कि निजी तौर पर स्थापित होने वाले कॉलेजों की जांच कर रिपोर्ट देने में देरी के कारण एफिलिएशन का मामला लटकता है। इस स्थिति से निपटने की जरूरत है। जांच रिपोर्ट देने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, कॉलेज इंस्पेक्टरों को यह भी देखना है कि कोई कॉलेज बिना एफिलिएशन के छात्रों का दाखिला ले ले व शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करे। कॉलेज इंस्पेक्टरों को रिपोर्ट करनी है।

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