संवाद विवाद को मिटाता है इसलिए यह करना जरूरी: आचार्य
आनंद मार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में पूर्णिया जागृति कोर्ट स्टेशन परिसर में रविवार को त्रिदिवसीय सेमिनार एवं साधना शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के तीसरे दिन केंद्रीय प्रशिक्षक आचार्य कल्याण मित्रानंद अवधूत ने वर्तमान शासन तंत्र और नेतृत्व की चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान के शासन तंत्र एकनायकतत्व पार्टी एकनायकतत्व और गणतंत्र मानव समाज को प्रगति के पथ पर ले चलने में पूरी तरह सार्थक सिद्ध नहीं हुआ है। निश्चित ही अन्य की तुलना में गणतंत्र काफी दीर्घ स्थाई होता है। इस एकनायकतत्व, पार्टी एकनायकतत्व और गणतंत्र की खींचतान का एकमात्र समाधान प्रउत (प्रगतिशील उपयोग तत्व) सदविप्र सूत्र है। सदविप्रों का कल्याणकारी अधिनायकतत्व नेतृत्व ही शासन तंत्र की श्रेष्ठ पद्धति है। जो नीतिवादी आध्यात्मिक साधक शक्ति सम्प्रयोग द्वारा पाप का दमन करना चाहते हैं वे ही सदविप्र हैं। चक्र की परिधि में इनका स्थान नहीं है यह चक्र की धुरी या प्राण केंद्र के रूप में अधिष्ठित रहेंगे। किसी भी युग में कोई शासक यदि शोषण की भूमिका में उतरता है तो उस दशा में शक्ति सम्प्रयोग द्वारा सत और शोषित जनों की रक्षा तथा असत और शोषकों का दमन करना इन्हीं सदविप्र का धर्म है। नेता की योग्यता और गुणों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा में अपना सर्वस्व त्याग करने के लिए प्रस्तुत रहना। संवाद विवाद को मिटाता है, इसलिए संवाद स्थापित करना जरूरी है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार की बाधाओं का सामना करने का दृढ़ संकल्प होना आवश्यक है। सरल, ईमानदार, मधुरभाषी, मेहनती, विनम्र, ईमानदार, विनोदी, निर्दोष और बुद्धिमान व्यक्ति ही समाज को सही नेतृत्व प्रदान कर सकता है। सेमिनार के दौरान 3 घंटे का बाबा नाम केवलम अष्टक्षरी मंत्र कीर्तन का आयोजन किया गया। मानव मानव भाई भाई...का नारा लगाया गया। इस अवसर पर पाञ्चजन्य, योगाभ्यास एवं सामूहिक साधना का आयोजन किया गया। आचार्य गोविंदानंद अवधूत, महिला सन्यासिनी अवधूतिका आनंद लीना आचार्या, अवधूतिका आनंद कल्याणमया आचार्या एवं भुक्ति के जनरल भुक्ति प्रधान अखिलेश आनंद एवं गणेश लाल, गौतम, कमलेश्वरी,शंभु शरण, ललित, रमन, जनार्दन, सावित्री, मदन, राम कुमार, सुबोध, मनोज, कल्याण सिंधु के निर्देशन में कार्यक्रम को सफल बनाया गया।
प्रधानमंत्री के मन में बसे बनमनखी की मलबरी की खेती देखने पहुंचे पर्यटन मंत्री, बढ़ाया हौसला
बनमनखी | प्रधानमंत्री के मन में बसे बनमनखी की मलबरी की खेती देखने पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि कचहरी बलुआ पहुंचे। उन्होंने जीविका दीदियों की जमकर हौसलाअफजाई की। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जीविका दीदियों ने हस्त निर्मित रक्षासूत्र मंत्री की कलाई बांधी। मंत्री ने उन्हे हर संभव सहायता का वचन दिया। मंत्री श्री ऋषि ने जीविका दीदियों से रेशम कीट पालन एवंं शहतूत की खेती की जानकारी ली। जीविका दीदी प्रेमलता देवी, सुलेखा देवी, विक्की कुमारी, रीना देवी आदि ने रेशम कीट पालन तथा शहतूत की खेती के टिप्स बताए। मॉनिटर संतोष पांडेय ने बताया कि गांव की महिलाएं सामूहिक खेती कर लाखों की कमाई कर रही है। मंत्री ने इन महिलाओं के जज्बे को सलाम किया और कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने मन की बात से कचहरी बलुआ अगुवानी आज राष्ट्रीय फलक पर है। इसे देश के मानचित्र पर प्रतिस्थापित होने का सपना जीविका दीदियो की लगनशीलता से साकार हो सका है। इस अवसर पर जीविका से जुड़े अभिनंदन रजक, भाजपा नेता संतोष चौरसिया, अमितेश सिंह, दिलीप झा, मंटू कुमार दास, विपिन सिंह, मनोज सिंह, संजय मिश्र आदि उपस्थित थे।
3 दिवसीय सेमिनार व साधना शिविर को संबोधित करते आचार्य कल्याण
जीविका दीदियों के साथ शहतूत की फसल का मुआयना करते मंत्री ।