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मौलिक कर्तव्य विशेष विधिक जागरूकता में भारतीय संविधान की हुई विवेचना
अनुमंडल कार्यालय में मौलिक कर्तव्य विशेष विधिक जागरूकता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर एसडीओ बलबीर दास ने की। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा नामित अधिवक्ता ममनून आलम एवं पीएलवी अनिल कुमार सिंह नेे बारी-बारी से मौलिक कर्तव्य पर चर्चा की।
बताया गया कि संविधान के 42 वें संशोधन में भारत के नागरिकों के लिए 10 मौलिक अधिकारों की विवेचना की गई। इनमें संविधान की तीन प्रमुख संस्थाओं विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका तथा राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रगान के प्रति सम्मान करना हमारा मौलिक कर्तव्य है। साथ ही देश की सेवा एवं सुरक्षा करना, देश के स्वाधीनता संग्राम के प्रेरक महान आदर्शों का स्मरण एवं उनका अनुगमन एवं देश की संप्रभुता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना समेत अन्य मौलिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया।
बताया गया कि संविधान के 86वें संशोधन में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग केे बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा प्राप्त करनेे को भी मौलिक कर्तव्य मे जोड़ा गया। इसके लिए वर्ष 2009 मे सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून को साकार किया। कार्यक्रम से प्रभावित उपस्थित जनों ने पंचायत स्तर पर ऐसे आयोजनों की जरूरत बताई। इस अवसर पर अधिवक्ता जयचन्द, हरिनंदन यादव, परशुराम आदि उपस्थित थे।
अनुमंडल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।