कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं : प्राचार्य

Purnia News - भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार यादव की देखरेख...

Jun 14, 2019, 08:45 AM IST
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भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार यादव की देखरेख में विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन विषय पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. पारसनाथ कर रहे थे। कार्यक्रम में शैक्षणिक परिभ्रमण पर पहुंचे बायसी के डंगराहा घाट मध्य विद्यालय के कुल कुल 44 छात्र एवं 6 शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने बाल श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पूरे विश्व में बाल श्रम को रोकने के लिए जागरुकता एवं सक्रियता हेतु किया जा रहा है। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग द्वारा राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवा छात्र-छात्राओं को बाल श्रम विषय पर सेमीनार, वाद विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों के आयोजन करके छात्र-छात्राओं को जागरुक कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि बाल श्रम से तात्पर्य कोई व्यक्ति 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य करवाता है तो उसे बालश्रम कीे श्रेणी में माना जाता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिकों में डॉ.जेएन श्रीवास्तव, डॉ. जनार्दन प्रसाद, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. पंकज कुमार यादव, जेपी प्रसाद, डॉ. रवि केसरी, डॉ.रूबी साहा, अनुपम कुमारी, डॉ.तपन गराइ के साथ-साथ अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्नातक कृषि के छात्र- छात्राओं में अलावा उपादान कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में चलाये जा रहे कृषि उपादान विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

प्राचार्य ने बच्चों को दी बालश्रम की जानकारी

परिभ्रमण पर कॉलेज पहुंचे बच्चों को प्राचार्य ने बालश्रम के तहत कराए जाने वालों कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बाल मजदूर मुख्य रुप से मिठाई की दुकान, पटाखों के कारखान, लघु व्यवसाय,साफ-सफाई का करते देखे जा सकते हैं। डॉ. पारसनाथ ने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य लिया जाता है, बालश्रम अपराध की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य विद्यालय, डंगराहा घाट, के छात्र- छात्राओं को कॉलेज के विभिन्न गतिविधियां के बारे में बताया। प्राचार्य ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को बताया कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं। सफलता उसे ही मिलती है जो सतत एवं नियमित रूप से अपने उद्देश्य की प्राप्ति हेतु कठिन परिश्रम करता है।

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