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2.5 लाख से ज्यादा खेसरा की रजिस्ट्री पर रोक, सूची अपलोड

एक वर्ष पहले
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भूमि और राजस्व विभाग के निदेशानुसार जिला निबंधन विभाग ने जिले के 2.5 लाख से ज्यादा जमीन के निबंधन पर रोक लगा दी गई है। निबंधन विभाग द्वारा जिन जमीनों के निबंधन पर रोक लगाई है उसमें गैर मजरुआ, सीलिंग, गैर मजरुआ खास, सीलिंग हिंद, खास महाल, अन्य सरकारी जमीन, अपर समाहर्ता या न्यायालय द्वारा लगी रोक वाली जमीन शामिल है।

जिन जमीन पर रोक लगाया गया है उसकी सूची जिला प्रशासन के वेबसाइट purnea.nic.in पर अपलोड कर दिया है, ताकि जमीन निबंधन करवाने वाले लोगों को निबंधन के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। हालांकि निबंधन विभाग द्वारा जारी सूची में व्यक्ति का नाम, उस खेसरा में कितना जमीन का कितना रकबा है इसकी जानकारी ही नहीं दी गई है। जिला अवर निबंधन पदाधिकारी जय कुमार ने बताया कि पूरे राज्य में जमीन निबंधन के दौरान कई बार ऐसी जानकारी मिलती थी कि सरकारी जमीन या जिन जमीन पर किसी तरह का रोक लगा है उस जमीन के कागजात भी निबंधन कार्यालय में प्रस्तुत हो जाते थे। विभागीय दिशा-निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जिन जमीनों के निबंधन पर रोक लगी हुई है। ऐसे सभी जमीन के खेसरा को चिह्नित कर एक जगह समाहित कर उसकी विवरणी जिला प्रशासन के वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।

प्रखंड में चयनित गांव


{अमौर - हलालपुर, खुनखुनी, बनगामा, रौटी, धपरैली { बैसा - महेशखूंट, बेहरान, खगरुआ जिन्हौर, घोरघोप { बायसी- घोष, खरसोता नयाबगंज, पोखरिया और नियामतपुर { बनमनखी - बीरनगर रघुनाथ, धोकरधारा, एकहत्था, रुपौली मिलिक औरहरिपुर मादी मिलिक { बीकोठी - ओरलाहा मिलिक, महिखंड, बेलापेमु छिंट, औराही मिलिक { भवानीपुर- पारसमणि, डुमरा महबल्ला मिलिक, बिरिनिया मिलिक, बांध बिरसेल और चंदेली मिलिक{ डगरुआ - सिंघवार, लदवा, चतरा, खिखरमानी, परसराय { धमदाहा - मोहम्मदनगर, गरैल मिलिक, कुकरौन मिलिक, मोगलिया पुरंदहा मिलिक, फुटकाही { जलालगढ़- बिजुलिया, विश्नथा, भरैली, कठैली, रतवैली { कसबा- कुल्ला भगवती, बभनगामा, आलमपुर, कमलपुर, टीकापुर { केनगर - भोकराहा मिलिक हाट, रामपुर मिलिक, सोनगढ़ा, गंगेली एराजी, बादरपुर { पूर्णिया पूर्व - तमौट, डगरुआ, संदलपुर, विक्रमपुर, कमरैली { रुपौली - पिपराहा, बसगढ़ा, सुपौली कामत, डोभा मिलिक, रुपौली { श्रीनगर - मनकोर, हसैली, माखनाहा, खोखा मिलिक, करीमनगर मिलिक

70 गांवाें में सेटेलाइट इमेजिंग से स्वायल हेल्थ की हाेगी मैपिंग

भास्कर न्यूज | पूर्णिया

किसानों की उपज बढ़ाकर उनकी आया दोगुना करने के लिए सरकार का पूरा जाेर मिट्टी जांच पर है। खेतों में किसान मिट्टी की जरूरत के अनुसार उर्वरक का प्रयोग करें इसके लिए राज्य सरकार द्वारा स्वायल हेल्थ मैप तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है। किसान अपने मिट्टी की गुणवत्ता और उसकी जरूरत के बारे में घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके लिए राज्यस्तर पर स्वायल हेल्थ मैप तैयार किया जा रहा है। मैप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य के किसी गांव में मिट्टी की क्या गुणवत्ता है और उसमें कौन सा तत्व प्रचुर मात्रा में है और किस तत्व की कमी है इसकी जानकारी प्राप्त कर सकता है। साथ ही जिस तत्व की कमी है उसे पूरा करने के लिए किस उर्वरक का और कितनी मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है। इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।

सेटेलाईट इमेजिंग का लिया जाएगा सहारा: सहायक अनुसंधान पदाधिकारी मिट्टी जांच अनिल कुमार जायसवाल ने बताया कि मिट्टी की जांच और गुणवत्ता की जानकारी के लिए स्वायल हेल्थ मैप तैयार किया जा रहा है। मैप तैयार करने के लिए सेटेलाईट इमेजिंग का सहारा लिया जाएगा। ताकि मैप में जिला के साथ-साथ गांव को दर्शाने में आसानी हो और किसानों को समझने में भी सुविधा हो सके।

2020-21 में 70 गांवों से लिए जाएंगे मिट्टी के नमूने

स्वायल हेल्थ मैप में गांव स्तर पर मिट्टी जांच रिपोर्ट दर्शाया जाना है। इसके लिए बारी-बारी से सभी गांव के मिट्टी की जांच की जा रही है। 2019-20 के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले प्रत्येक प्रखंड से एक-एक राजस्व गांव से मिट्टी का नमूना लिया गया था। इस बार प्रत्येक प्रखंड से पांच-पांच राजस्व गांव से मिट्टी का नमूना लिया जाएगा। इस प्रकार 70 गांव के मिट्टी जांच की जाएगी। विभाग द्वारा गांवों का चयन कर इसके लिए प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।

प्रयोगशाला में मिट्टी की जांच करते कर्मी।

कर सकते हैं दावा आपत्ति

जिला अवर निबंधन निबंधन पदाधिकारी ने बताया कि निबंधन विभाग के द्वारा जिन जमीनों के निबंधन पर रोक लगाया गया है।उन जमीन पर अगर किसी तरह की आपत्ति होने पर साक्ष्य के आधार पर इसकी जिला निबंधन कार्यालय में इसके लिए द्वारा आपत्ति दिया जा सकता है। दावा आपत्ति की जांच के बाद ही इसको लेकर आगे विभागीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

जिला निबंधन कार्यालय।

साल 2020-21 में कृषि विभाग ने बढ़ाया लक्ष्य पांच-पांच राजस्व गांवों के मिट्टी की होगी जांच

पोर्टल पर कर सकते हैं वेरिफाई

विभाग के निर्देश के बाद जिन जमीनों के निबंधन पर रोक लगाई गई है। उसकी सूची जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। निबंधन के पूर्व पोर्टल पर जाकर अपने लोग अपनी सुविधा के लिए वेरिफाई कर सकते हैं। अगर किन्हीं को लगता है उनके जमीन निबंधन पर रोक गलत है तो वह इसके लिए जिला निबंधन कार्यालय में दावा आपत्ति कर सकते हैं।
जय कुमार, जिला अवर निबंधन पदाधिकारी।

जिला निबंधन कार्यालय ने आम लोगों की जानकारी के लिए सूची जिले कीे वेबसाइट पर किया अपलोड
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