एसबीआई कार्यालय के विलय के विरोध में धरना पर डटे लोग
भारतीय स्टेट बैंक आंचलिक कार्यालय को भागलपुर में विलय के निर्णय के खिलाफ शुक्रवार को धरना पर समाजसेवी सहित अन्य लाेग डटे रहे। शांतिपूर्ण तरीके से धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि एसबीआई का पटना स्थित स्थानीय कार्यालय द्वारा लिए गए गलत निर्णय से भारतीय स्टेट बैंक को करोड़ों रुपए के क्षति का अनुमान है।
धरना पर बैठे लोगों ने बताया कि जहां एक तरफ डूब रहे यस बैंक को भारतीय स्टेट बैंक हरसंभव प्रयास कर संभालने में लगा है। वहीं दूसरी तरफ पटना द्वारा पूर्णिया स्थित आंचलिक कार्यालय का भागलपुर में विलय कर प्रतिमाह करोड़ों रुपए की बर्बादी कर डुबाने में लगा है। यह जानते हुए कि आंचलिक कार्यालय पूर्णिया का अपना भवन है जबकि भागलपुर में किराए पर आंचलिक कार्यालय चल रहा है। पूर्णिया स्थित आंचलिक कार्यालय के पास अपना उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र है जबकि भागलपुर के पास कुछ भी नहीं है। एसबीआई के कुल 105 कर्मचारियों के रहने के लिए एसबीआई का अपना क्वार्टर भी है। भागलपुर आंचलिक कार्यालय के पास ऐसा नहीं है। पूरे बिहार एवं झारखंड में केवल पूर्णिया आंचलिक कार्यालय ऐसा है जिसके पास सबकुछ अपना है। इसके लिए किसी भी प्रकार का कोई किराया किसी को नहीं देना पड़ता है। पूर्णिया आंचलिक कार्यालय सड़क मार्ग, रेल मार्ग एवं हवाई मार्ग से भी जुड़ा है। धरना में अरविंद कुमार सिंह, दिलीप कुमार चौधरी, विजय श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा, मधुरेश कुमार सिन्हा, केएन ठाकुर, कुमार मनोरंजन सहित दर्जनों समाजसेवी उपस्थित थे।
एसबीआई आंचलिक कार्यालय के विलय को ले धरना पर बैठे लोग।