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दिनभर बंद रहे निजी क्लीनिक, कहा कार्रवाई नहीं होने पर करेंगे हड़ताल

एक वर्ष पहले
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नालंदा में डॉ. प्रियरंजन की हत्या से आईएमए काफी आक्रोशित है। दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है अन्यथा आन्दोलन को और तेज करने पर विचार हुआ। इस घटना को लेकर शनिवार को शहर के सभी डॉक्टरों ने अपना क्लीनिक बंद कर विरोध जताया। लेकिन,इमरजेंसी सेवा चालू रहने से मरीजों को काफी हद तक राहत मिली। नालंदा की घटना को ले आईएमए हॉल में डॉक्टरों ने आईएमए के अध्यक्ष डॉ.ए.एन केजरीवाल की अध्यक्षता में बैठक कर आर-पार की लड़ाई लड़ने पर एकजुटता बनाने की कोशिश की। आईएमए के अध्यक्ष डॉ.ए.एन केजरीवाल ने कहा कि आए दिन डॉक्टरों के क्लिनिक में घुसकर मारपीट,डॉक्टर्स पर हमले और अब हत्या की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह काफी संवेदनशील मामला है। यदि समय रहते डॉक्टर्स संगठित नहीं हुए तो आगे और भी स्थिति बिगड़ सकती है। सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कानून तो बना दी लेकिन सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। नालंदा में डॉक्टर के हत्यारे को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। यदि दोषियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो आईएमए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने पर बाध्य होगी। .

डॉक्टरों की सुरक्षा काफी संवेदनशील,यदि हम आज नहीं चेते तो आने वाला दिन और भी विकराल: डाॅ. राम


पूर्व अध्यक्ष डॉ.देवी राम ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा काफी संवेदनशील मामला है। नालंदा में डॉक्टर की हत्या और पूर्व में हुई अन्य घटनाओं को लेकर यदि हम आज नहीं चेतते हैं तो आने वाले दिन और भी विकराल हो सकते हैं। डॉ. राम ने डॉक्टरों को सावधान रहने और संगठित होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक दिन की हड़ताल से कुछ नहीं होने वाला है। यदि पुलिस दोषियों के ऊपर कार्रवाई नहीं करती है तो डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। आईएमए के सचिव डॉ.एम.एम हक ने कहा कि नालंदा में डॉक्टर की हत्या काफी दुखद घटना है। डा. हक ने कहा कि पूर्णिया में भी कई बार डॉक्टरों पर हमला हो गया है,लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। डॉ.वी.सी रॉय ने कहा कि 1.5 से 2 प्रतिशत लोगों के पैसे से देश चलता है। आज टैक्सपेयर्स को समझने की जरूरत है कि उनके पैसे से देश चलता है। इनमें से एक डॉक्टर्स हैं। लेकिन,टैक्सपेयर्स के बारे में सोचने वाला कोई नहीं है। हमें निजी सुरक्षा व्यवस्था खड़ी करनी होगी,तभी हमारी सुरक्षा हो पाएगी। किसी के भरोसे रहने से नहीं होगा। डॉ अंजू कर्ण ने कहा कि कहीं क्लीनिक में घुसकर पीटा जाता है तो कहीं गोलियों से भूना जा रहा है। डॉ सतीश कुमार ने कहा कि डॉक्टर को चैम्बर में घुसकर पीटा गया। महिला कांस्टेबल का निलंबन कर लॉलीपॉप थमा दिया गया। डॉ.यूबी सिंह ने कहा कि डॉक्टर समाज का एक महत्वपूर्ण विंग है। हमें अपने हक और सुरक्षा की लड़ाई के लिए संगठित और आत्मबल को मजबूत बनाना होगा। डॉ. मिलिंद ने कहा कि विरोध के नाम पर सिर्फ एक दिन की हड़ताल से कुछ हासिल नहीं होगा। डॉ. ब्रह्म्देव कुमार ने कहा कि यदि दोषियों के पर कार्रवाई नहीं होती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा करना उचित रहेगा। इस मौके पर आईएमए के स्टेट ज्वाइंट सेकरेटरी डा.संजीव सिन्हा,डा.उमेश कुमार,डा.आलोक कुमार,डा.अमरेन्द्र झा,डा.पप्प्ू सिंह,डा.आर्या,डा. राजू,डा.नदीम,,झा,डा.शिपिका,डा.तसमीन समेत दर्जनों डॉक्टर मौजूद थे।


मीटिंग में कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

आईएमए की बैठक में कम उपस्थिति पर काफी नाराजगी जताई गई। हड़ताल के दिन सभी क्लीनिकों को बंद रखने के लिए डॉक्टरों को हिदायत दी गई। यदि हड़ताल के दिन कोई डॉक्टर चोरी-छुपे क्लीनिक चलाते हैं तो वैसे डॉक्टरों की पहचान सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया। बैठक में हड़ताल के दौरान खुले हुए क्लीनिकों की पहचान के लिए कई फ्लाइंग टीम बनाने की भी बात हुई। वहीं,कई मुद्दों पर गरमा-गरमी बहस हुई। मेम्बरशीप फी में आ रही कठिनाई को लेकर एक डॉक्टर काफी गुस्से में आ गए। चर्चा हुई कि आईएमए में 300 से अधिक डॉक्टर्स सदस्य हैं,लेकिन सहभागिता कम ही लोगों की हो पाती है। इस बैठक में भी 35 ही डॉक्टर उपस्थित हुए थे।

डॉक्टर और वकील की हत्या पर कांग्रेस पार्टी ने जताया विरोध

पूर्णिया | जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने बयान जारी करते हुए नालंदा के डॉ. प्रियरंजन प्रियदर्शी और भागलपुर के अधिवक्ता कामेश्वर पांडेय की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। नेताओं ने कहा कि सुशासन और कानून का राज की झूठी तस्वीर पेश करने वाली सरकार की पोल खुल गई है। आज पूरे बिहार में हत्या का दौर जारी है और सरकार अपराधियों के सामने बौना बनी हुई है। वक्ताओं ने कहा कि आम लोग अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। विधि व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमराई हुई है। अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसे में बिहार में केवल राष्ट्रपति शासन ही विकल्प बचा है। सरकार से लोगों का विश्वास उठ गया है और राज्य केवल भगवान के भरोसे चल रहा है। नेताओं ने कहा कि आज पूरा बिहार सरकार शर्म करो किनारा लगा रहा है लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। सरकार और प्रशासन अभिलंब हत्यारों की गिरफ्तारी करें और उसे स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिला वे और पीड़ित परिवार को 50-50 लाख रुपया मुआवजा दे। नेताओं ने कहा कि एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का काम करें। इस दुख की आज नारायण चौधरी घड़ी में पीड़ित परिवार को सहने की शक्ति ईश्वर प्रदान करें। बयान देने वालों में कांग्रेसी के पूर्व जिला अध्यक्ष रंजन सिंह, जिला महासचिव गौतम वर्मा, आस नारायण चौधरी, मो. अलीमुद्दीन, कार्यनंद कुंवर, महासचिव जवाहर किशोर, अफरोज खान, राजीव गांधी, पंचायती राज संस्थान के प्रमंडलीय संयोजक मो शाहिद हुसैन, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मो असरार आदि हैं।

डॉक्टर्स पर हमले और अब हत्या की घटना बर्दाश्त नहीं : डॉ. केजरीवाल

आईएमए में मंच पर बैठे अध्यक्ष डॉ. एएन केजरीवाल।

आईएमए में बैठक करते डॉक्टर।
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