पूर्णिया तो मेरी मां है, मैं इसकी सेवा करना चाहता हूं, बनाना है शहर को स्मार्ट

Purnia News - मनोहर/अमित/केके गौरव/कुमार गौरव| पूर्णिया अपने पूर्णिया की माटी को राज्य व राष्ट्रीय फलक पर गौरवान्वित करने...

Bhaskar News Network

Feb 14, 2019, 05:00 AM IST
Purnia News - purnia is my mother i want to serve her make the city smart
मनोहर/अमित/केके गौरव/कुमार गौरव| पूर्णिया

अपने पूर्णिया की माटी को राज्य व राष्ट्रीय फलक पर गौरवान्वित करने वाले लाल आज पूर्णिया के स्थापना दिवस पर इस मिट्‌टी की सौंधी महक को चारों ओर फैलाने का संकल्प दोहरा रहे हैं। आई लव माई पूर्णिया, मेरा वेलेंटाइन मेरा पूर्णिया के मूलमंत्र को आत्मसात करने वाले विविध क्षेत्र के होनहारों को पूर्णिया पर खासा गर्व है। उनका कहना है कि पूर्णिया तो मेरी मां है। मैं इसकी सेवा करना चाहता हूं। टीस एक बात की है, अब तक यह शहर न स्मार्ट हुआ और न स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ। हम सबको मिलकर शहर को स्मार्ट बनाना है। हमारे शहर में ट्रैफिक सिग्नल हो, शानदार सड़कें हों।

माई पूर्णिया, मेरा वेलेंटाइन... पूर्णिया की माटी की सौंधी महक को चारों ओर फैला रहे जिले के विभिन्न क्षेत्रों के युवा

यूनिवर्सिटी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ी उपलब्धि : शिवेश

गोल्ड मेडलिस्ट पीजी के छात्र शिवेश कुमार कहते हैं कि पूर्णिया में हाइयर एजुकेशन के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज खोलना बड़ा एचीवमेंट है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभी काफी बदलाव लाने की जरूरत है। जब तक शोध कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। 12 फरवरी को भागलपुर के तिलकामांझी विश्वविद्यालय में गायत्री नगर (फ्लावर मिल) के रहने वाले पीजी सत्र 2013-15 के छात्र शिवेश कुमार को पीजी, सोशल साइंस के साथ संगीत में सर्वोच्च अंक लाने के लिए राज्यपाल ने उन्हें गोल्ड मेडल दिया है। शिवेश बताते हैं पूर्णिया मेरी मां की तरह है। मैं पूर्णिया की सेवा करना चाहता हूं। अपनी दिल की बात बताते हुए गोल्ड मेडलिस्ट शिवेश कहते हैं पूर्णिया अभी तक स्मार्ट नहीं हुआ। इसको लेकर मन में टीस रहती है।

मेरा पहला प्यार पूर्णिया और दूसरा क्रिकेट : क्रिकेटर अपूर्वा

मेरा पहला प्यार पूर्णिया है और दूसरा क्रिकेट। पूर्णिया से ऐसा भावनात्मक लगाव बिहार महिला क्रिकेट अंडर-23 में चयनित पूर्णिया की बेटी अपूर्वा का है। अपूर्वा कहती हैं कि पूर्णिया से मुझे इतना प्यार है और मेरी नजरों में इसकी इतनी अहमियत है कि मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। जब भी मैं खेलने के लिए बाहर जाती हूं तो मन में हमेशा ये ख्याल आता है कि काश, अपना शहर भी ऐसा होता। पूर्णिया में भी सभी चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था होनी चाहिए। पर्यटन के क्षेत्र में यहां बहुत संभावनाएं है। पूर्णिया को बहुत डेवलप किया जा सकता है ताकि टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके। एक खिलाड़ी होने के नाते मेरा बढ़िया और बेहतर ग्राउंड की डिमांड तो हमेशा बनी रहती है।

राष्ट्रीय स्तर पर होती है मखाना और जूट की चर्चा : नीतीश चन्द्रा

मैं भारत के किसी कोने में रहूं, मेरी जान तो पूर्णिया में ही बसती है। पूर्णिया हमेशा मेरे दिलो-दिमाग में रचा-बसा रहता है। पूर्णिया की प्राकृतिक छटा,यहां की हरियाली और बेहद सहज लोग इसकी पहचान है। ख्याति प्राप्त फैशन डिजाइनर नीतीश चन्द्रा कहते हैं कि यहां के लोग हर मुकाम पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सिल्क और जूट की विश्व स्तर पर ब्रांडिंग के लिए लगातार तीसरी बार नेशनल अवार्ड पाने वाले श्री चन्द्रा बताते हैं कि यहां के मखाना और जूट की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होती है। पूर्णिया की ब्रांडिंग, यहां के टूरिज्म, इन्फ्रास्ट्रक्चर और यहां के टैलेन्टस को बड़ा से बड़ा मंच मिले। इसके लिए हर संभव कोशिश होनी चाहिए। पूर्णिया में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आज इसे उचित मंच देने की जरूरत है।

स्थापना दिवस पर युवा करें प्रतिज्ञा शहर को रखेंगे साफ : डॉ. श्रेष्ठ

पूर्णिया उत्तर बिहार का सबसे विकसित व कोसी-सीमांचल की राजधानी के रूप में जाना जाता है। पूरे बिहार में पटना नगर निगम के बाद पूर्णिया नगर निगम का ही क्षेत्रफल बड़ा है। साइंटिस्ट डॉ. अभिनव श्रेष्ठ कहते हैं कि इस जिले का इतिहास काफी गौरवमयी रहा है। बिहार के उत्तरी और पूर्वी भाग में बसे इसकी स्थापना 1770 में हुई थी। धिति लाइफ साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड न्यू दिल्ली के मुख्य वैज्ञानिक डॉ.श्रेष्ठ बताते हैं कि वैदिक काल से ही इस जिले का सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से काफी महत्व रहा है। विदेह और बाद में वज्जी साम्राज्य का यह जिला हिस्सा हुआ करता था। आइये, जिला स्थापना दिवस पर सभी युवा प्रतिज्ञा करें कि हम कड़ी मेहनत करेंगे और सभ्यता संस्कृति की रक्षा करते हुए अपने शहर को साफ और सुंदर रखेंगे।

पूर्णिया में भी बने प्लास्टिक सड़क जलजमाव से नहीं टूटेगी

जिले के 250वें स्थापना दिवस पर जमशेदपुर में प्लास्टिक रोड बनाने वाले गौरव आनंद ने नगर निगम को सुझाव दिया है कि नगर निगम पूर्णिया में भी ऐसी सड़क बनवाए ताकि बरसात में यह सड़क नहीं टूटे। गौरव ने प्लास्टिक रोड बनाने व इस तकनीक को अपने गृह जिला पूर्णिया में लाने के लिए मेयर सविता देवी से उन्होंने फोन पर बात की है। टाटा स्टील के जमशेदपुर यूटिलिटीज एंड सर्विसेज कंपनी में बतौर पर्यावरण प्रबंधक गौरव बताते हैं कि प्लास्टिक सड़क यत्र-तत्र फेंके गए प्लास्टिक की थैलियों को एकत्रित कर बनाई जाती है। उसके कतरन को तारकोल में मिलाकर प्रयाेग में लाया जाता है। इससे लागत सीधे आधी हो जाती है और सड़क भी पानी के प्रकोप से बच जाती है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक रोड बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाके के लिए वरदान साबित हो सकती है।

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