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पूर्णिया में ठाकुरबाड़ी से अष्टधातु की 35 किलो वजनी करोड़ों रुपए की मूर्तियां चोरी
शहर के रजनी चौक स्थित रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी से बुधवार देर रात अष्टधातु की करोड़ों की तीन मूर्तियां चोरी हो गई हैं। चोरों ने वारदात से पहले सीसीटीवी कैमरे का रुख मोड़ दिया और डीवीआर से भी छेड़छाड़ की। भगवान राम की मूर्ति लगभग तीन फीट की है, जबकि सीता व लक्ष्मण जी की मूर्ति ढाई-ढाई फीट की हैं। 1927 में स्थापित तीनों मूर्ति का वजन 35 किलो से अधिक है। घटना के बाद से ठाकुरबाड़ी के महंत के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है। घटना के बाद पुलिस अपने सुरक्षा घेरे में मंदिर के महंत और अन्य पुजारी को सुरक्षित स्थान पर ले गई है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। बताया जाता है कि 10 दिन पहले ठाकुरबाड़ी की जमीन का अतिक्रमण कर बसे लोगों को खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था।
ठाकुरबाड़ी के महंत संत मुरारी दास ने पुलिस को बताया है कि ठाकुरबाड़ी से मूर्ति की चोरी की जानकारी उन्हें सुबह पांच बजे सोकर उठने के बाद लगी। बुधवार की रात लगभग 12 बजे मंदिर के गेट के सामने बरामदे पर सोए थे और चाबी बगल में रख दी थी। अपराधी कब मंदिर परिसर में घुसे और चाबी से मंदिर खोलकर वहां विराजमान तीनों मूर्तियों की चोरी कर ली, इसका पता नहीं चल पाया। चोरों ने भगवान राम, सीता व लक्ष्मण जी का चांदी का मुकुट आदि खोलकर नीचे रख दिया और तीनों मूर्ति पीछे के रास्ते से लेकर फरार हुआ है। कुछ चढ़ावे का सिक्का व सीता जी के बाल आदि दीवार के समीप गिरा हुआ मिला है। महंत संत मुरारी दास ने मंदिर में हुई चोरी की सूचना मंदिर कमेटी के सदस्यों, विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष व स्थानीय थाने को दी। रामजानकी गोकुल सिंह ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रोहित प्रसाद यादव समेत अन्य सदस्यों ने बताया कि भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की तीन अति प्राचीन मूर्तियाें की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपए है। मूर्ति चोरी की सूचना मिलते ही एसपी विशाल शर्मा समेत तीन थानों की पुलिस रामजानकी ठाकुरबाड़ी पहुंचकर मामले की जांच की। एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि रामजानकी ठाकुरबाड़ी में भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की बेशकीमती मूर्ति की बरामदगी के लिए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।