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68 एकड़ की मंडी में यूरेनल नहीं शौचालय खंडहर में तब्दील, परेशानी

3 वर्ष पहले
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नागेश्वर कर्ण | पूर्णिया पूर्व

गुलाबबाग व्यापार मंडी क्षेत्र की सबसे बड़ी मंडी है। मंडी का क्षेत्रफल करीब 68 एकड़ है। अरबों का कारोबार और करोड़ों का राजस्व देने वाली इस मंडी में स्वच्छता अभियान फिसड्‌डी साबित हो रहा है। यहां न तो व्यक्तिगत और न ही प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में कोशिश की गई है। मंडी में रोज 05 हजार लोग कारोबार के लिए पहुंचते हैं और शौच के लिए बिलबिलाते हैं। इसके बाद भी आजतक एक भी यूरिनल की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। यहां लोग खुले में शौच के लिए विवश हैं। मंडी की यह हालत शहर के स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रही है। हैरानी की बात यह है कि कृषि विभाग के निदेशक ने मंडी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद विभाग द्वारा 17 करोड़ 74 लाख के पैकेज की घोषणा की थी। योजना के तहत बाउंड्री, सड़क और नाला का निर्माण होना है। लेकिन इस प्रोजेक्ट में शौचालय का जिक्र तक नहीं है। खास बात यह कि प्रत्येक रात यहां हजारों किसान व मजदूर रात गुजारते हैं जो सुबह होने पर खुले मैदान में शौच जाते हैं।

गुलाबबाग व्यापार मंडी सीमांचल क्षेत्र की सबसे बड़ी मंडी
जर्जर हालत में पड़ा मंडी में बना किसानों का चबूतरा।

68 एकड़ के मंडी क्षेत्र में नहीं है शौचालय की व्यवस्था
गुलाबबाग मंडी का क्षेत्रफल 68 एकड़ है। मंडी में करीब दो हजार से अधिक दुकानें हैं। जिसमें 400 दुकानें निबंधित है। मंडी में हर रोज सैंकड़ो वाहन चालक, रिक्शा चालक, ठेला चालक, कामगार, मोटिया मजदूर और खरीदार के साथ किसान की संख्या पांच हजार से अधिक होती है, जो हमेशा मंडी में मौजूद रहते हैं। उनके मल मूत्र त्याग के लिए मंडी में कोई व्यवस्था नहीं है।

कृषि बाजार समिति के स्थापना काल में बना था दो शौचालय, गंदगी इतनी कि उपयोग के लायक नहीं
गुलाबबाग मंडी यानी कृषि बाजार समिति की स्थापना के दौरान दो शौचालय का निर्माण हुआ था। जिसमें एक मिरचाईपट्टी और दूसरा चावल पट्टी के नजदीक स्थित है। इन दोनों शौचालय की स्थिति समय के साथ लगातार बद से बदतर होती चली गई। रखरखाव नहीं होने के कारण बीमारी पांव पसारने को उतारु है। हालात यह है कि यहां शौच के लिए तो दूर खड़ा होना भी मुनासिब नहीं। इन स्थानों पर गंदगी का आलम यह है कि इसके आसपास से गुजरना भी बीमारियों को दस्तक देने के समान है। अलबत्ता मंडी में रहने वाले मजदूर, किसान और वाहन चालक 68 एकड़ के खुले मैदान में शौच व अन्य प्रक्रिया से निवृत होते हैं।

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