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‘बिहार पीपुल्स पार्टी’ विधानसभा की 50 सीटों पर दमदार तरीके से उतारेगी प्रत्याशी : लवली

एक वर्ष पहले
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फ्रेंड्स ऑफ आनंद अपने पुराने राजनीतिक आशियाने ‘’बिहार पीपुल्स पार्टी’’ का पुनर्गठन कर आगामी बिहार विधानसभा की 50 सीटों पर दमदार तरीके से अपना प्रत्याशी उतारेगा। शनिवार को सहरसा के कोसी बिहार सभागार में संपन्न ‘’फ्रेंड्स ऑफ आनंद’’ के दो दिवसीय ‘’प्रतिनिधि सम्मेलन’’को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद लवली आनंद ने कही।

सम्मेलन में राज्य और देश से पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों द्वारा पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई की मांग उठाई गई। संगठन की संरक्षिका पूर्व सांसद लवली आनंद ने प्रतिनिधि सम्मेलन में देश और राज्य भर से आए लगभग 200 से अधिक प्रतिनिधियों का अभिनंदन कर समापन संबाेधन में कहा कि मई के अंत तक अगर आनंद मोहन जी जेल से बाहर आते हैं तो आगे की रणनीति उनसे राय लेकर तय हाेगी और अगर ऐसा नहीं हुआ तो अनिर्णय की स्थिति से निकल कर ‘’ फ्रेंड्स ऑफ आनंद’’ महाराणा प्रताप की जयंती 8 जून को पटना में उनकी रिहाई के सवाल पर एक बड़ी रैली का आयोजन कर आगे की रणनीति का खुलासा करेगा।

पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद ने कहा कि राष्ट्र की अस्मिता और सद्भाव से खिलवाड़ करने वाले हर व्यक्ति और जमात का सख्ती से सर कुचला जाना चाहिए। मूलभूत समस्याओं से ध्यान बांटने और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए दोनों ओर के चरमपंथियों द्वारा समाज में कट्टरता और सांप्रदायिकता का जहर घोला जा रहा है। कहा कि ‘’वोट बैंक’’ के लिए धर्म के आधार पर गोलबंदी राष्ट्रहित में नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर गांधी के पुतले को गोली मारकर मिठाइयां बांटना, संसद में गोडसे को देशभक्त कहना कहां तक उचित है ?

प्रथम सत्र में संगठनात्मक प्रस्ताव पारित


शनिवार को दो सत्रों में संपन्न प्रतिनिधि सम्मेलन के प्रथम सत्र में प्रांतीय सचिव रविंद्र कुमार गुप्ता ने संगठनात्मक प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव में कहा कि बरसों से अपने नेता आनंद मोहन के जेल में रहते जन सरोकारों को लेकर सक्रिय एवं राजनीतिक सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहे। लेकिन सांगठनिक मामले में कमी महसूस करते हैं। उन्होंने वर्तमान की सभी कमेटियों को भंग कर नए सिरे से संगठन का पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा। लेकिन पूर्व सांसद आनंद मोहन-लवली आनंद के कनिष्ठ पुत्र अंशुमन मोहन ने प्रस्ताव में थोडे परिवर्तन के साथ समर्थन देकर कहा कि नेता के जेल में रहते पिछले कई वर्षों से प्रतिकूल परिस्थितियों और मुसीबत में जो लोग निस्वार्थ भाव से हमारे साथ खड़े हैं, यह प्रस्ताव उनका अपमान जैसा है। कई कारणों से वे भले थोड़े निष्क्रिय हैं पर उनके समर्पण और त्याग पर सवाल नहीं है। एक माह में पूरे राज्य में सांगठनिक ढांचे को खड़ा करने पर बल दिया। विधानसभा चुनाव के पहले राज्य के 4 बड़े शहरों को चिन्हित कर महापुरुषों की जयंतीयों और पूण्य तिथियों के बहाने चार बड़ी रैलियों का सुझाव दिया गया।

इन लोगों ने किया संबोधित |प्रथम सत्र का संचालन जहां प्रांतीय महासचिव चन्द्रभानू साहू अधवक्ता वहीं द्वितीय सत्र का संचालन सहरसा जिलाध्यक्ष अजय कुमार बबलू ने किया। संबोधित करने वालों में विन्दवेश्वनी कुंवर, मो. नजीर, जितेन्द्र सिंह, भाई यशवंत, रवीन्द्र साह, पप्पू सिंह, चित्ररंजन यादव, सिंघिया प्रखंड प्रमुख रौशन सिंह, सुजीत सिंह, भोला चौधरी, लड्‌डू सिंह, बिट्‌टू सिंह, टुनटुन सिंह, घनश्याम, समरेन्द्र, राजन आनंद व अन्य ने किया।

कोसी बिहार सभागार में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करती पूर्व सांसद लवली आनंद, मंच पर मौजूद केन्द्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद, कुलानंद अकेला, अंशुमन मोहन सहित अन्य।

पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद ने कहा कि राष्ट्र की अस्मिता और सद्भाव से खिलवाड़ करने वाले हर व्यक्ति और जमात का सख्ती से सर कुचला जाना चाहिए। मूलभूत समस्याओं से ध्यान बांटने और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए दोनों ओर के चरमपंथियों द्वारा समाज में कट्टरता और सांप्रदायिकता का जहर घोला जा रहा है। कहा कि ‘’वोट बैंक’’ के लिए धर्म के आधार पर गोलबंदी राष्ट्रहित में नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर गांधी के पुतले को गोली मारकर मिठाइयां बांटना, संसद में गोडसे को देशभक्त कहना कहां तक उचित है ?

दोपहर दो बजे शुरू हुआ सम्मेलन का दूसरा सत्र

प्रतिनिधि सम्मेलन का दूसरा सत्र दोपहर 2:00 बजे से शुरू हुआ। केंद्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद द्वारा पेश राजनीतिक प्रस्ताव से प्रारंभ प्रस्ताव का समर्थन प्रांतीय महासचिव लालमोहन रस्तोगी और मधेपुरा जिला अध्यक्ष ध्यानी यादव ने किया। अपने राजनीतिक प्रस्ताव में चेतन आनंद ने देश में बढ़ते जातीय विद्वेष और धार्मिक उन्माद पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिम्मेवार ओहदे पर बैठे लोगों द्वारा सार्वजनिक मंचों से ‘’ गोली मारो ‘’ का आह्वान या फिर देश के नामचीन यूनिवर्सिटी में ‘’भारत तेरे टुकड़े होंगे’’, हैदराबाद में एक राजनीतिक दल के सार्वजनिक मंच से 15 करोड़ बनाम 100 करोड़ का भड़काऊ भाषण और ‘’ पाकिस्तान जिंदाबाद’’ का नारा , देश से प्यार करने वालों को विचलित करने वाला है।

सहरसा में संंपन्न ’फ्रेंड्स ऑफ आनंद’ के दो दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन में लिए गए कई राजनीतिक प्रस्ताव
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