सुसंस्कृत व्यक्ति समाज के लिए जरूरी : अरुण
सहरसा | गायत्री शक्ति पीठ में व्यक्तित्व परिष्कार सत्र में ट्रस्टी डॉ. अरुण जायसवाल ने कहा कि परिष्कार की निरंतर प्रक्रिया का नाम संस्कृति है। संपूर्ण प्रकृति को परमात्म दृष्टि से देखना चाहिए। हर दृष्टिकोण से मनुष्य को अपने आप को परिष्कृत करना चाहिए। सुसंस्कृत व्यक्ति अच्छे समाज के लिए जरूरी हैं। हमारी संस्कृति में कलात्मकता और सौंदर्य का बड़ा महत्व है। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अभिनव जायसवाल ने कहा महिलओं को आगे बढ़ने के लिए एक दूसरे का दर्द समझना जरूरी है। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि सोमवार की शाम 5 बजे से होली मिलन समारोह होगा। इस अवसर पर ललन कुमार सिंह, पप्पू गनेरीवाल, रामचन्द्र सिंह, नवल सिंह, दिनेश दिनकर, मनीषा, राखी, ज्योति रितिका, संजू देवी, सुमित्रा देवी, कंचन देवी के अलावा सभी युवा मंडल एवं गायत्री परिजन उपस्थित थे।