शक्तिपीठ मां कात्यायनी दरबार में पूजा के लिए उमड़े श्रद्धालु

Saharsa News - भास्कर न्यूज | सिमरी बख्तियारपुर सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल सहित प्रखंड मुख्यालय एवं ग्रामीण क्षेत्र में...

Jan 16, 2020, 09:10 AM IST
Saharsa News - devotees gathered at shaktipeeth maa katyayani court for worship
भास्कर न्यूज | सिमरी बख्तियारपुर

सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल सहित प्रखंड मुख्यालय एवं ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार को भक्ति भाव के बीच मकर संक्रांति पर्व संपन्न हुआ।

पर्व को लेकर सुबह से ही बच्चों के बीच खासा उत्साह देखा गया। सुबह होते ही लोग स्नान कर साफ सुथरे वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना में जुट गए और प्रसाद चढ़ाकर परिवार के सदस्यों ने दही, चूड़ा, तिलकुट आदि ग्रहण किया। वहीं लोगों ने दिन भर पतंगबाजी भी की। बच्चाें के साथ बड़े भी पतंगबाजी की प्रतिस्पर्धा में जुटे रहे। वहीं लोगों ने धमारा घाट स्थित मां कात्यायनी स्थान पहुंच कर पूजा अर्चना की। वहीं महिला पुरुषों ने पर्व के मौके पर गंगा स्नान कर पूजा अर्चना की।

मां कात्यायनी दरबार में श्रद्धालु की उमड़ी भीड़ : मकर संक्रांति पर्व के मौके पर सहरसा-खगड़िया जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के धमारा घाट रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर अवस्थित शक्तिपीठ मां कात्यायनी स्थान में पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुों की भीड़ उमड़ पड़ी। शक्तिपीठ मां कात्यायनी स्थान में श्रद्धा व निष्ठापूर्वक श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना की। मां कात्यायनी परिसर में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कात्यायनी मंदिर के गर्भ गृह व मंदिर परिसर में भीड़ लगी रही। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में पहुंच कर मां की पूजा-अर्चना की। वहीं, पूजा करने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

किया गया अन्न व वस्त्र दान

भास्कर न्यूज | महिषी

महिषी के सभी गांव में मकर संक्रांति का पर्व संपन्न हुआ। सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने पर उक्त पर्व के दिन बुधवार को लोगों ने अन्न व वस्त्र दान कर अपने आंगन में कन्या एवं ब्राह्मणों को भोजन ग्रहण करवाया। मकर संक्रांति को लेकर जानकारों का कहना है कि खरमास की समाप्ति पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस सबंध में पं.जवार पाठक, पंडित अभय कांत झा, पंडित दिगम्बर झा ने बताया कि मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व यह है कि इस दिन नदी में स्नान कर नया अन्न कंबल घी के दान करने से मानव जीवन धन्य होता है। इस अवसर पर कहीं दही चुड़ा तो कहीं खिचड़ी खाने की परम्परा है। मिथिला में मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की है परम्परा सदियों से चली आ रही है। संक्रांति के अवसर पर महिषी के शीतल कांत मिश्र, आद्या कांत मिश्र, उदय कांत झा आचार्य एवं कुमर कांत मिश्र सहित अन्य लोगों द्वारा गांव के गरीब ब्राह्मणों को खिचड़ी भोजन करवाकर दान स्वरूप धोती, कंबल शाल वस्त्र प्रदान किया गया।

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