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गलत हलफनामा देने पर ठेकेदार को हाईकोर्ट ने दिया जवाब देने को 3 हफ्ता, मैन पावर बढ़ाने का भी निर्देश
बीरपुर से उदाकिशुनगंज 106 किलोमीटर तक एनएच 106 का निर्माण कार्य करा रहे संवेदक द्वारा अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में दिए गए हलफनामे की पोल खुल गई। कोर्ट के आदेश से गठित सात सदस्यीय टीम ने कोर्ट को जो साइट जांच रिपोर्ट सौंपी, उसके अनुसार 106 किलोमीटर में मात्र 1.1 किलोमीटर ही विभिन्न कारणों से अतिक्रमित है। कोर्ट ने इस मामले में संवेदक कंपनी काे तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। साथ ही पटना हाईकोर्ट ने समय पर काम पूरा कराने के लिए संवेदक कंपनी के अधिकारी को अधिक संख्या में मैन पावर, मटेरियल और मशीन लगाने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा संवेदक के कार्य की निगरानी के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय पदाधिकारी समेत अन्य को निर्देशित किया है। कोर्ट ने संवेदक कंपनी के अधिकारी से कहा है कि वे अपनी परेशानियों को चिह्नित करें और दोनों जिले के संबंधित अधिकारियों के पास रखें। कोर्ट को उम्मीद है कि वे लोग परेशानियों को दूर करेंगे। विदित हो कि बीरपुर से बीहपुर तक निर्माणाधीन एनएच 106 के संवेदक की लापरवाही को देखते हुए हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस एपी शाही ने पिछले साल मधेपुरा आगमन के बाद स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट में वाद दायर कराया था। इसके बाद से हाईकोर्ट की निगरानी में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। लेकिन कोर्ट की कड़ी निगरानी के बाद भी संवेदक काम को डिले करने के लिए आए दिन नया-नया बहाना बना रहे हैं। इस कारण से लगता नहीं है कि अक्टूबर 2020 तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो पाएगा। आगे मानसून आ रहा है। ऐसे में अगले तीन माह सड़क निर्माण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
होली में छुट्टी लेकर घर गए हैं कर्मचारी, लौटने पर होगा निर्माण
बताया गया कि होली को देखते हुए संवेदक के साइट पर कोई हलचल नहीं है। कर्मचारी और मजदूर होली की छुट्टी पर घर गए हुए हैं। इस कारण पिछले एक सप्ताह से निर्माण कार्य भी प्रभावित है। संभावना है कि अगले कुछ दिनों में कर्मचारी और मजदूर छुट्टी से लौट आएंगे तो काम शुरू होगा। एनएच-106 डिविजन के कार्यपालक अभियंता ई. अरुण कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश से टीम ने स्थलीय जांच की थी। जिसकी रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंप दी गई। पांच मार्च को हुई सुनवाई के बाद फिलहाल काम बंद दिख रहा है। संवेदक कंपनी के कर्मचारी और मजदूरों के होली की छुट्टी से लौटकर आने के बाद काम शुरू होने की संभावना है।
निर्माणाधीन एनएच 106
अगली सुनवाई के बाद कोर्ट दे सकता है कोई आदेश
पांच मार्च को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस संजय करोल ने कहा कि टीम द्वारा पूरक हलफनामा 4 मार्च को दाखिल किया गया। इस हलफनामा में पूर्व में संवेदक कंपनी के द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे से बिल्कुल अलग है। दरअसल सड़क निर्माण कंपनी आईएल एंड एफएस के अधिकारी ने एक हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को कहा था कि बीरपुर से उदाकिशुनगंज तक 106 किमी सड़क में 40 किमी में सड़क बनाने में उसे अड़चन आ रही है। इसमें पेड़, अतिक्रमण आदि शामिल हैं। लेकिन कोर्ट ने संवेदक के दावे पर भरोसा नहीं किया। स्थलीय जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अगुआई सात सदस्यीय टीम का गठन कर दिया। टीम ने 2 मार्च को जब दो दिनों तक सुपाैल के बीरपुर से लेकर मधेपुरा के उदाकिशुनगंज तक स्थलीय निरीक्षण किया तो सच्चाई सामने आ गई। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में दोनों जिला मिलाकर मात्र 1.1 किलोमीटर में ही अड़चन होने की रिपोर्ट दी। इसमें मधेपुरा क्षेत्र में बुढ़ावे के पास, सिंहेश्वर बाजार, मधेपुरा कॉलेज चौक आदि जगह पर अड़चन होने की बात कही गई। इस पर कोर्ट ने कहा कि इससे पहले की वह कोई और आदेश पारित करे, तीन हफ्ता में संवेदक कंपनी के अधिकारी अपना जवाब दाखिल करें। कोर्ट ने कहा कि यदि टीम द्वारा दायर हलफनामे पर विचार किया जाए तो 1.1 किलोमीटर को छोड़कर शेष भाग में बिना बाधा के सड़क निर्माण कार्य हो सकता है। इसके लिए संवेदक अतिरिक्त मैन पावर, मशीनरी और सामग्री जुटाएं।
संवेदक ने हाईकोर्ट में कहा था कि पूरी दूरी में 40 किमी. विभिन्न कारणों से है अतिक्रमित