पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Saharsa News If Silence Stability And Waves Will Not Arise In You Then There Is No Joy Of Holi Festival Arun

अगर आपके अंदर मौन, स्थिरता व लहरें नहीं उठेगी तो होली उत्सव का आनंद नहीं : अरुण

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

होली वसंत उत्सव का चरम है। होली उन्मुक्तता, उल्लास और आनन्द का पर्व है। अपने अन्दर के जहर को बिरेचन करने का पर्व है। अगर आपके अंदर मौन, स्थिरता और लहरें नहीं उठेगी तो होली उत्सव का आनंद नहीं ले पाएंगे। गायत्री शक्तिपीठ के ट्रस्टी अरूण जायसवाल ने सोमवार को उक्त बातें शक्तिपीठ में आयोजित होली मिलन समारोह में कही। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष में 4 रात्रि महत्वपूर्ण होती है। इस अवसर पर अंतरिक्ष से विशेष उर्जा धरती पर आती है। इस समय की गई साधना-उपासना फलित होता है।

होली मिलन के इस अवसर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ जिसमें शंकर प्रखर ने होली गीत से सबों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। होलिका दहन के पश्चात मिट्‌टी के रजकण से तिलक लगाकर सबों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामना दी।

इस अवसर पर प्रकाश लाल दास, संतोष दत्ता, ललन कुमार सिंह, श्यामानन्द लाल दास, हरेकृष्ण साह, पप्पू गनेरीलाल, दिनेश दिनकर, हरीश
जायसवाल, नवल सिंह, रामचंद्र सिंह, सुबोध भगत, लीना सिन्हा सहित गायत्री परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...