लाखों रुपए से स्टेशन परिसर में लगा टाइल्स बारिश की एक बौछार में डूबा

Saharsa News - ए ग्रेड सहरसा जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के नाम पर खर्च की जा रही राशि का बंदरबांट देखना हो तो प्लेटफार्म एक के...

Bhaskar News Network

Jul 29, 2019, 09:05 AM IST
Saharsa News - tiles planted in the station premises with millions of rupees in a rain shower
ए ग्रेड सहरसा जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के नाम पर खर्च की जा रही राशि का बंदरबांट देखना हो तो प्लेटफार्म एक के प्रवेश द्वार पर पानी में डूबे टाइल्स को देखकर अंदाज लगा सकते हैं। पूर्व डीआरएम आरके जैन के कार्यकाल में शुरू किए गए कार्यों की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगा है।

कॉन्ट्रैक्टर द्वारा स्टेशन के मुख्य निकास द्वार पर लाखों रुपए खर्च कर फैवर लॉक लगाया गया, लेकिन पहली बरसात भी झेल नहीं सका। फैवर ब्लाक बारिश की एक बौछार में डूब जाता है। इसके निर्माण के दौरान ही राशि की जमकर लूट की गयी। कहीं ठीक से लेवल नहीं किया गया और फेवर ब्लॉल लगा दिया गया।

आज यह स्थिति है कि रेलवे स्टेशन जाने वाले पैदल यात्रियों को चप्पल, शैंडिल, जूता खोलकर हाथ में लेकर प्लेटफार्म 1 पर जाना पड़ता है। मामूली बर्षा में ही स्टेशन परिसर जलमग्न हो जाता है। वाहनों से जाने वाले रेल यात्री किसी तरह प्लेटफार्म तक पहुंच जाते हैं लेकिन पैदल और रिक्सा से जाने वालों की फजीहत हो जाती है। दो करोड़ से सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, सीसीटीवी कैमरा, स्टेशन पर फ्री वाई-फाई, सभी प्लेटफॉर्म पर शेड फुट ओवरब्रिज का काम किया जाना है।

सर्कुलेटिंग एरिया का काम बीच में ही छोड़ दिया गया। जो काम किए गए उसका कहीं बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे आमलोग जान सके कि कितनी राशि से कौन काम किया गया है। रेल यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर जो सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं वह काफी घटिया स्तर का है, जिसके कारण सीसीटीवी लगने के बाद स्टेशन परिसर से तीन बाइक चोरी की घटना घट चुकी है जिसमें सीसीटीवी में स्पष्ट चेहरा भी नजर नहीं आ रहा है। सर्कुलेटिंग एरिया में केवल मिट्टी भरकर छोड़ दिया गया है, जिसमें वहां केवल सुअरों का झूंड मंडराते रहता है। प्लेटफार्म नम्बर एक एवं दो पर लिफ्ट बनकर तैयार हो गया है, लेकिन फ्लोरिंग एवं बिजली कनेक्शन का कार्य बाकी है। एडीईएन मनोज कुमार ने बताया कि लिफ्ट में फ्लोरिंग एवं बिजली कनेक्शन का काम अगले महीने तक पुरा कर लिया जायेगा।

कहीं भी नहीं लगाया गया निर्माणाधीन कार्य का बोर्ड

बारिश के पानी में डूबा सहरसा रेल स्टेशन जाने वाला प्रवेश और निकास द्वार।

भास्कर न्यूज | सहरसा

ए ग्रेड सहरसा जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के नाम पर खर्च की जा रही राशि का बंदरबांट देखना हो तो प्लेटफार्म एक के प्रवेश द्वार पर पानी में डूबे टाइल्स को देखकर अंदाज लगा सकते हैं। पूर्व डीआरएम आरके जैन के कार्यकाल में शुरू किए गए कार्यों की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगा है।

कॉन्ट्रैक्टर द्वारा स्टेशन के मुख्य निकास द्वार पर लाखों रुपए खर्च कर फैवर लॉक लगाया गया, लेकिन पहली बरसात भी झेल नहीं सका। फैवर ब्लाक बारिश की एक बौछार में डूब जाता है। इसके निर्माण के दौरान ही राशि की जमकर लूट की गयी। कहीं ठीक से लेवल नहीं किया गया और फेवर ब्लॉल लगा दिया गया।

आज यह स्थिति है कि रेलवे स्टेशन जाने वाले पैदल यात्रियों को चप्पल, शैंडिल, जूता खोलकर हाथ में लेकर प्लेटफार्म 1 पर जाना पड़ता है। मामूली बर्षा में ही स्टेशन परिसर जलमग्न हो जाता है। वाहनों से जाने वाले रेल यात्री किसी तरह प्लेटफार्म तक पहुंच जाते हैं लेकिन पैदल और रिक्सा से जाने वालों की फजीहत हो जाती है। दो करोड़ से सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, सीसीटीवी कैमरा, स्टेशन पर फ्री वाई-फाई, सभी प्लेटफॉर्म पर शेड फुट ओवरब्रिज का काम किया जाना है।

सर्कुलेटिंग एरिया का काम बीच में ही छोड़ दिया गया। जो काम किए गए उसका कहीं बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे आमलोग जान सके कि कितनी राशि से कौन काम किया गया है। रेल यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर जो सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं वह काफी घटिया स्तर का है, जिसके कारण सीसीटीवी लगने के बाद स्टेशन परिसर से तीन बाइक चोरी की घटना घट चुकी है जिसमें सीसीटीवी में स्पष्ट चेहरा भी नजर नहीं आ रहा है। सर्कुलेटिंग एरिया में केवल मिट्टी भरकर छोड़ दिया गया है, जिसमें वहां केवल सुअरों का झूंड मंडराते रहता है। प्लेटफार्म नम्बर एक एवं दो पर लिफ्ट बनकर तैयार हो गया है, लेकिन फ्लोरिंग एवं बिजली कनेक्शन का कार्य बाकी है। एडीईएन मनोज कुमार ने बताया कि लिफ्ट में फ्लोरिंग एवं बिजली कनेक्शन का काम अगले महीने तक पुरा कर लिया जायेगा।

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