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विद्यापति स्मृति समारोह :मैथिली को साहित्य में जन भाषा का रूप देने वाले थे विद्यापति

Saharsa News - मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज सभाकक्ष में रविवार को विद्यापति स्मृति पर्व समारोह सह साहित्यिक परिचर्चा का डा.महेंद्र...

Nov 11, 2019, 10:01 AM IST
मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज सभाकक्ष में रविवार को विद्यापति स्मृति पर्व समारोह सह साहित्यिक परिचर्चा का डा.महेंद्र झा, डा.प्रो.ललितेश मिश्र, डा.कुलानंद झा, प्राचार्य डा.देव नारायण साह एवं डा.राम चैतन्य धीरज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर डा.महेंद्र झा ने कहा विद्यापति मूलतः श्रृंगारिक कवि थे।

उन्होंने मैथिली को साहित्य में जन भाषा का रूप दिया। डा.ललितेश मिश्र ने मैथिली भाषा की प्रारंभिक दृष्टि तथा विद्यापति पर विस्तृत वर्णन करते हुए कहा संस्कृत से प्राकृत, प्राकृत से अपभ्रंश व अन्य भारतीय भाषा की उत्पत्ति हुई। उन्होंने विद्यापति के भाषा साहित्य को उदाहरण सहित प्रमाणित किया। डा.राम चैतन्य धीरज ने कहा कि मैथिली भाषा का अस्तित्व ऋग्वेद काल से ही है और यह भाषा आदिकाल से ही जन-जन की भाषा रही है। डा.कुलानंद झा ने कहा विद्यापति बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। प्राचार्य डा.देवनारायण साह ने विद्यापति के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा.महेंद्र झा के द्वारा एवं संचालन प्रो.अरविंद मिश्र नीरज के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में मैथिली शब्दलोक के संयोजक मुख्तार आलम के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम में सुमन शेखर आजाद, आरा पट्टी मुखिया शांति लक्ष्मी चौधरी, मुक्तेश्वर मुकेश, मुख्तार आलम, के डी शर्मा, सुमन शेखर आजाद, मानवी झा, नीरज झा, विपिन कुमार यादव, योगेंद्र शर्मा, सुमन समाज, विशाल कुमार राय सहित अन्य शामिल थे।

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