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कल से घोषित होगी बाढ़ अवधि... एजेंसी का दावा 15 दिनों में काम होगा पूरा पर अब तक अतिसंवेदनशील क्षेत्र का ही पूरा स्पर नहीं बना

Saharsa News - नवहट्टा के हेमपुर के पास जिस जगह कोसी नदी बांध तोड़कर बाहर निकली थी एक बार फिर 35 वर्ष बाद कोसी पुराने तेवर में यहां...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 09:00 AM IST
Saharsa News - will be announced from tomorrow the flood period the claim of the agency will work in 15 days
नवहट्टा के हेमपुर के पास जिस जगह कोसी नदी बांध तोड़कर बाहर निकली थी एक बार फिर 35 वर्ष बाद कोसी पुराने तेवर में यहां दिख रही है। रिटायर्ड बांध के करीब पहुंच चुकी नदी की मुख्य धारा अभी से दबाव बनाने लगी है। बीते वर्ष मानसून के दौरान हेमपुर से आगे पहाड़पुर के पास कोसी नदी को रिटायर्ड बांध से बाहर निकलने से बचा लिया गया पर इस वर्ष कोसी किस तेवर में रहेगी, इसको लेकर इंजीनियर ही नहीं स्थानीय लोगों की चिंता अभी से बढ़ी है।

पिछले वर्ष इंजीनियरों के प्रयास से रिटायर्ड बांध पर बसी बड़ी आबादी विस्थापित होने से बच गई थी। हालांकि जल संसाधन विभाग की प्राथमिकताओं में रिटायर्ड बांध को बचाने से अधिक कोसी नदी की मुख्य धारा को पूर्वी कोसी तटबंध तक पहुंचने से रोकना है। गुरुवार को दैनिक भास्कर संवाददाता ने पूर्वी कोसी तटबंध के अति संवेदनशील बिंदुओं में एक 78.30 किमी. बिंदु (पहाड़पुर गांव) पर की गई तैयारियों का जायजा लिया। शनिवार से बाढ़ की अवधि घोषित होगी, लेकिन इस बिंदु पर बने स्पर का काम पूरा नहीं हुआ था। मंगलौर (कर्नाटक) की कंपनी योजका द्वारा स्पर मजबूतीकरण का काम एक साल से चल रहा है पर कार्य स्थल पर दो बड़ी मशीन और मजदूर स्पर के बेड में बोल्डर बिछाया जा रहा था। वहां मौजूद योजका के इंजीनियर ने कहा अभी बाढ़ आने में देरी है।

15 दिनों में सभी बचे काम को पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, स्पर के अप और डाउन स्ट्रीम में 8 करोड़ से कराए गए एंटी रोजन कार्य से गांव और तटबंध को पूरी तरह से सुरक्षित रहने का इंजीनियर द्वारा दावा किया जा रहा है। पहाड़पुर गांव की मस्जिद के करीब से बह रही कोसी नदी की धारा फिलहाल शांत थी। ग्रामीण मो. अब्बास ने बताया कि एक वर्ष पहले कोसी नदी यहां से दो किमी. दूर बहती थी आज मेरे घर के चौखट तक पहुंच गई है। इंजीनियर के दावा का भरोसा कैसे किया जाए? आज न कल यहां से उजड़ना ही है। कोसी को कोई रोक नहीं सकता है। पहाड़पुर गांव से 4 किमी. उतर में 1984 में बांध टूटा था। फिर टूटे बांध से आगे पूर्वी तटबंध को जोड़ कर रिंग बांध बनाया गया अब कोसी वहां तक पहुंचने को आतूर है। मो. अब्बास का कहना है कि पहाड़पुर से उत्तर कैदली के पास भी कोसी नदी लूप बना कर पूर्वी कोसी तटबंध के करीब पहुँचने को बेताब है।

मंगलौर (कर्नाटक) की कंपनी योजका एक साल से स्पर की मजबूती का कर रही है काम, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

पूर्वी कोसी तटबंध के 78.30 किमी. बिंदु पर रिटायर्ड बांध को बचाने और पूर्वी कोसी तटबंध तक कोसी की मुख्य धारा को पहुंचने से रोकने के लिए 8 करोड़ राशि खर्च कर किया गया एंटी रोजन कार्य।

पहाड़पुर गांव स्थित 78.30 किमी. बिंदु पर स्पर पर कराया जा रहा काम।

संवेदनशील बिंदुओं को जानें

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रकाश लाल दास ने बताया कि पूर्वी कोसी तटबंध के 0 किमी. से 125 किमी. तक मात्र चार स्थानों को अति संवेदनशील विभाग मान रहा है। इनमें 64.25, 64.95, 78.30, 82.80 किमी. पर किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि 1984 और वर्तमान में तकनीकी रूप से काफी बदलाव आ गया है। कहीं भी कोसी नदी से बांध को खतरा नहीं है।

इंजीनियरों की छुटि्टयां रद्द

कोसी नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरों ही नहीं तकनीकी कार्यों से जुड़े तमाम कर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दी है। मुख्य अभियंता ने बताया कि तटबंध पर बनाए गए कैंप कार्यालय 15 जून से काम करने लगेगा। किसी भी स्थिति में मुख्य अभियंता सहित कार्यपालक को 3 से 4 घंटे के अंदर उक्त स्थल पर पहुंचने का निर्देश सरकार द्वारा दिया गया है।

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