तीन साल की उम्र में ही अन्वीक्षा ने इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड में दर्ज कराया नाम, क्षेत्र के लोगों में खुशी

Samstipur News - प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है तीन साल की बच्ची अन्वीक्षा...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:36 AM IST
Hasanpur News - at the age of three years envikhana registered name in india book of records happiness in the people of the region
प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है तीन साल की बच्ची अन्वीक्षा भारद्वाज ने। हसनपुर प्रखंड के पटसा गांव निवासी रमेश कुमार झा की पुत्री अन्वीक्षा ने मात्र तीन मिनट में एशियाई देशों की राजधानियों का नाम बताकर इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड में नाम दर्ज कराकर एक नया कीर्तिमान बनाया है।

बच्ची की इस प्रतिभा को देखकर आईबीआर की टीम ने उसे एस्टुशियस किड की उपाधि से सम्मानित किया है। अन्वीक्षा की माता प्रतिभा कुमारी अाैर पिता रमेश कुमार झा के अनुसार अन्वीक्षा के इस कीर्तिमान का श्रेय उसकी अपनी जिद को है। अपने बड़े भाई विशेष भारद्वाज के कीर्तिमान से सीख लेते हुए अन्वीक्षा ने भी इस मुकाम को हासिल किया है।

अन्वीक्षा के माता-पिता की इच्छा है कि अब उनकी बच्ची लिम्का बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराए। बताया जाता है कि अन्वीक्षा के बड़े भाई विशेष भारद्वाज ने भी 6 महीने पहले इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुका है। विशेष ने भी मात्र 11 मिनटों में हिंदी की 170 लोकोक्तियों को सुनाकर कीर्तिमान बनाया था। जब विशेष को अतिथियों ने इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स का मेडल प्रदान किया जा रहा था तो साथ में छोटी बहन अन्वीक्षा भी मेडल पहनने की जिद करने लगी। उस समय अतिथियों ने कहा था कि जब तुम भी इस सम्मान के लायक होगी तो तुम्हें भी मेडल पहनाया जाएगा। वहीं, अन्वीक्षा की इस सफलता पर उसके परिजन सहित क्षेत्र के लोग गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। लोगों ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी है।

बच्ची की इस सफलता पर रामकिशोर राय, संजय कुमार मिश्र, जगन्नाथ झा, अमित किशोर राय, भारती किशोर राय, अविनाश झा सन्नी, सुमन चौधरी, मुरारी झा, सुभाषचंद्र झा उर्फ विदुर झा आदि ने कहा कि बच्ची आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रौशन करेगी।

दिल्ली में परिजनों के साथ अन्वीक्षा।

यह है चयन करने की प्रक्रिया

इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड में नाम दर्ज करा चुकी अन्वीक्षा के पिता रमेश कुमार झा ने बताया कि इस सम्मान के लिए सबसे पहले आईबीआर के वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है। साथ ही आईबीआर के लिंक पर प्रतिभागी बच्चों से संबंधित उत्कृष्ट प्रदर्शन वाला वीडियो भी भेजा जाता है। भेजे गए वीडियो के आधार पर आईबीआर की टीम ऑनलाइन प्रतिभागी बच्चे से पूछताछ करती है। इसके आधार पर सफल प्रतिभागी का चयन कर उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकाॅर्ड्स में दर्ज किया जाता है। अन्वीक्षा का चयन भी इसी माध्यम से हुआ। चयन के आधार पर 6 अक्टूबर को आईबीआर की टीम के द्वारा दिल्ली में मेडल प्रदान किया गया।

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