--Advertisement--

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों में भरा जा रहा चेतना व संस्कार

Samstipur News - बच्चों के संस्कार की पहली पाठशाला भले ही परिवार हो, लेकिन उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ चेतना और संस्कार...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:01 AM IST
Samastipur News - consciousness and rituals being filled in children with quality education
बच्चों के संस्कार की पहली पाठशाला भले ही परिवार हो, लेकिन उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ चेतना और संस्कार भरने तथा सद्गुणों का विकास करने के लिए प्राइमरी व मध्य विद्यालयों में चेतना सत्र का आयोजन किया जाता है। अब इस चेतना सत्र के माध्यम से बच्चों को बापू की जीवनी से अवगत कराया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान की ओर उपलब्ध कराई गई पुस्तक बापू की पाती को न सिर्फ बच्चे पढ़ रहे है। बल्कि अपने जीवन में भी उसे उतार रहे है। शनिवार को बच्चों ने झ से झिझक के बारे में समझा। हालांकि अब भी कई स्कूलों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। पुस्तक में अ, आ, इ से लेकर क्ष त्र ज्ञ तक वर्णवार गांधी जी से संबंधित बातें को बताया गया है। मसलन अ से अहिंसा, इसमें अहिंसा से संबंधित गांधी जी की पूरी बातें को शामिल किया गया है। उसी प्रकार आ से आश्रम में गांधी जी कितने दिन गुजारे से संबंधित बातें शामिल है। चेतना सत्र के दौरान बच्चे को इसका पाठ हर रोज करना है। इस दौरान स्कूल की शिक्षक भी गांधी जी से संबंधित बातों को बच्चों के साथ शेयर करेंगे।

स्कूलों में उपलब्ध कराई गई पुस्तिका

इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने स्कूलों में प्रात:कालीन सभा में चेतना सत्र सही तरीके से आयोजित करने का निर्देश दिया है। विभाग ने विद्यालयों को इस संबंध में एक पुस्तिका बापू की पाती उपलब्ध कराया है। बच्चों को गांधीगिरी भी सिखाई जाएगी। बच्चों में समयबहुता, सद्व्यवहार, विचारों की अभिव्यक्ति, साफ-सफाई और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।

मवि लगुनियां सूर्यकंठ में चेतना सत्र के दौरान उपस्थित बच्चे।





स्कूलों के लिए तय किया गया पैमाना


X
Samastipur News - consciousness and rituals being filled in children with quality education
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..