हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ द्वादश ज्योतिर्लिंगम दर्शन मेला, अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने की अर्चना

Samstipur News - शहर के बोलबम सेवा समिति परिसर में बीते 2 फरवरी से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित...

Feb 10, 2020, 07:11 AM IST
Dalsinghsarai News - dwadash jyotirlingam darshan fair concluded with joy devotees pray on the last day

शहर के बोलबम सेवा समिति परिसर में बीते 2 फरवरी से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित द्वादश ज्योतिर्लिंगम दर्शन मेला सह स्वर्णिम भारत नवनिर्माण आध्यात्मिक प्रदर्शनी रविवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान अनुमंडल के विभिन्न जगहों से रोजाना भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के बारह स्वरूप सोमनाथ, रामेश्वरम, नागेश्वर, विश्वनाथ, त्रयम्बकेश्वर, केदारनाथ, घृष्णेश्वर, भीमाशंकर, वैधनाथ, ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, मल्लिकार्जुन का दर्शन करते हुए जानकारी प्राप्त किया। वहीं अंतिम दिन बारह ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करते हुए वार्ड पार्षद शम्भू प्रसाद साह, पूर्व वार्ड पार्षद गीता देवी, डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने महाआरती की। इससे पूर्व सभी श्रद्धालुओं पर समिति के सदस्यों ने पुष्प वर्षा करते हुए प्रसाद का वितरण किया। इधर, श्रद्धालुओं ने स्वर्णिम भारत नवनिर्माण आध्यात्मिक प्रदर्शनी का लाभ लेते हुए मारवाड़ी धर्मशाला में तनाव मुक्ति के लिए चल रहे राजयोग मेडिटेशन शिविर में हिस्सा लिया। शिविर में परमात्मा पिता के साथ सहज संबंध जोड़ने की विधि व राजयोग पर प्रकाश डालते हुए सविता बहन ने कहा कि परमात्मा निराकार है, वह जन्म-मरण से न्यारे हैं। अतः अपना दिव्य कर्तव्य करने के लिए वह ब्रह्मा-तन में अवतरित होकर मनुष्यात्माओं को श्रेष्ठ ज्ञान देकर उनके अंदर से विकारी संस्कारों का नाश कर दिव्य गुणों की धारणा कराते हैं और देवता बनाते हैं। पुरानी कलियुगी, भ्रष्टाचारी दुनिया का विनाश कर नई सतयुगी पावन सृष्टि की स्थापना करते हैं। परमात्मा शिव ब्रह्मा, विष्णु, शंकर के द्वारा अपने दिव्य कर्तव्य करते हैं इसलिए उन्हें त्रिमूर्ति शिव भी कहते हैं।

द्वादश ज्योतिर्लिंग मेला में भगवान की पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।

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