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भूमि संरक्षण और जल संरक्षण के बारे में किसानों को गोष्ठी में किया गया जागरूक
प्रखंड के ई कृषि भवन के सभागार में जल जीवन हरियाली अभियान के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन प्रखंड कृषि पदाधिकारी अवधेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। संचालन कृषि समन्वयक विजय कुमार में किया। कार्यक्रम का उद्घाटन अंचलाधिकारी उदय कांत मिश्र, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अवधेश कुमार, किसान कृष्ण देव प्रसाद सिंह सहित अन्य लोगों ने किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रुप में राजेश कुमार सिंह एवं शशि रंजन के द्वारा किसानों के बीच प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जैविक तरीके से खेती करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल को बचाने, निजी या समूह बनाकर तालाब का निर्माण करने, आवश्यकतानुसार पानी का उपयोग करने, जल संचय के साधन को बचाने सहित अन्य मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। वज्रपात से गेहूं क्षति की रिपोर्ट प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा जिला को रिपोर्ट कम करने को लेकर प्रश्न उठाते हुए जिले का सबसे बड़ा प्रखंड जहां भारी मात्रा में गेहूं क्षति की बात बताकर कृषि विभाग के कर्मी एवं पदाधिकारी में सहमति नहीं होने के कारण रिपोर्ट सही नहीं दी। इससे सरकार द्वारा दिए जा रहे क्षतिपूर्ति की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। वहीं किसानों के प्रशिक्षण, कर्मियों के प्रशिक्षण बनकर रह गया। प्रशिक्षण में अल्प मात्रा में किसानों का उपस्थित हो पाए। जबकि सूचना के आभाव में बीडीओ, प्रमुख, उप प्रमुख, पूर्व आत्मा अध्यक्ष, किसान सलाहकार प्रशिक्षण में भाग नहीं लिए। मौके पर शशि रंजन, राजीव रंजन, रामचंद्र महतो, कृष्ण देव प्रसाद सिंह, रामचंद्र राय, संजय कुमार उपस्थित थे।
जल जीवन हरियाली अभियान किसान प्रशिक्षण में जैविक तरीके से खेती करने की दी जानकारी
भास्कर न्यूज|ताजपुर
जल-जीवन-हरियाली के तहत कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण और किसानों की जागरूकता के लिए शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित ई किसान भवन के सभागार में बीएओ विनय कुमार के अध्यक्षता में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चल रही योजनाओं की जानकारी दी गई। किसान गोष्ठी में प्रखंड क्षेत्र के लगभग एक सौ प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए विनय कुमार ने सरकार की ओर से चल रही किसान पारदर्शी योजना,
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को जानकारी देने के लिए समय-समय पर गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। एटीएम मरुत नंदन शुक्ला ने किसानों को खेती करने के आधुनिक तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव कृषि पर पड़ रहा है। कृषि की उत्पादकता पूरी तरह से मौसम, जलवायु और पानी की उपलब्धता पर निर्भर होती है, इनमें से किसी भी कारक के बदलने तथा स्वरूप में परिवर्तन से कृषि उत्पादन प्रभावित होता है। नृपेंद्र कुमार
ने भूमि संरक्षण और जल संरक्षण के बारे में किसानों को जागरूक किया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कम करने की अपील की। कृषि समन्वयक पंकज कुमार ने किसानों को भूमि में मृदा का परीक्षण करने की उपलब्धता के बारे में जानकारी भी दी। मौके पर मुखिया धर्मेंद्र कुमार चौरसिया, अखिलेश राय, आत्मा प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह आदि ने किसानों को जल जीवन हरियाली पर विस्तार से चर्चा किया । कार्यक्रम के अंत में एटीएम शुक्ला ने किसानों को कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने व इस बारे
में केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा उठाए जा रहे एहतियात कदम को विस्तार से बताया ।
प्रशिक्षण में उपस्थित किसान एवं कर्मी।
ई-कृषि भवन में जल जीवन हरियाली के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन
किसान गोष्ठी में मौजूद किसान