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किसानों को मछली पालन व उत्पादन की दी जाएगी जानकारी
मत्स्य विभाग की ओर जिले के प्रगतिशील मत्स्य पालकों को आधुनिक विधि से प्रशिक्षण दिलाने के लिए सूची तैयार की जा रही है। इसके तहत 25 किसानों को चिन्हित करके आंध्र प्रदेश के काकिनाडा स्थित सेंट्रल इंस्टीच्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
इसके लिए 24 से 30 मार्च तक समय निर्धारित की गई है। बताया जाता है कि प्रशिक्षण के लिए समय में बढ़ोतरी भी की जा सकती है। वहीं किसानों द्वारा प्रशिक्षण के लिए आवेदन दिए जा रहे है। इच्छुक किसान आवेदन देकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हो सकते है। बताया जाता है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात किसानों को योजनाओं में अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। बताया जाता है कि आगामी मई माह में भी उत्तराखंड के पंतनगर में मत्स्य पालक किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में भेजने की योजना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को उन्नत विधि से मछली पालन कर आमदनी बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वहां से प्रशिक्षण लेने के बाद मत्स्य पालक किसान जिले के अलग-अलग प्रखंडों में नई तकनीक से मछली पालन कर उसका उत्पादन बढ़ाएंगे। मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक संजीव कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में किसानों को भेजने के लिए सूची तैयार की रही है। इसमें किसानों को आधुनिक विधि से मछली पालन व उत्पादन करने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
पशुपालक महापंचायत के लिए रथ घुमाकर पशुपालकों से जुटने की अपील की गई
पूसा | पशुपालक किसान सेवा संघ द्वारा आगामी 29 मार्च को समस्तीपुर के जितवारपुर हाउसिंग बोर्ड मैदान में आयोजित होने वाले पशुपालक महापंचायत कार्यक्रम को लेकर चलाया जा रहा आमंत्रण यात्रा रथ अपने 19वें दिन पूसा पहुंचा। पशुपालकों के महापंचायत की सफलता को लेकर चलाया जा रहा यह रथ प्रखंड के हरपुर, दिघरा, गंगापुर, मलिकौर, ठहरा, गोपालपुर, मोरसंड, वैनी, दिगंबरा, कुबौलीराम, श्रीरामपुर आदि गांव में भ्रमण कर गांव के किसानों और पशु पालकों से महापंचायत में भाग लेने की अपील की। इस क्रम में हरपुर और दिघरा गांव में पशुपालकों की एक बैठक भी आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जयप्रकाश शर्मा ने की।इस अवसर पर में संघ के संस्थापक सह अध्यक्ष वैद्यनाथ चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के प्रति बिल्कुल भी सजग नहीं है। किसान और पशुपालकों के मुद्दे को उठाने के बजाय दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में किसानों का कर्ज माफ किया गया तो फिर बिहार में क्यों नहीं। उन्होंने सरकार से दूध के गुणवत्ता का मानक सुधार के लिए आयोग का गठन करने, भूमिहीन पशुपालकों को जमीन और मकान उपलब्ध कराने, कृषि विवि पूसा के वैज्ञानिकों द्वारा गोभी के पत्ते में क्या क्या पाया जाता है उसका अनुसंधान किए जाने आदि की मांग की। मौके पर सौरभ कुणाल, गुलाब झा, राजीव कुमार मुन्ना, राकेश, विनोद शर्मा, हरि किशोर सिंह, प्रहलाद दास, हरिशंकर शर्मा, अभिनव कुमार, मिथिलेश दास, नवल दास, कमल दास, अशोक राम आदि मौजूद थे।
जिला मत्स्य कार्यालय।