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भगवान राम प्रेम अाैर मर्यादा के प्रतीक, वहीं शत्रुघ्न के स्मरण से शत्रुअाें का हाेता है नाश : डाॅ. शास्त्री

Samstipur News - प्रखंड के केवटा स्थित श्रीराम-लक्षमण व जानकी मंदिर में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह परायण एवं चरित्र निर्माण यज्ञ...

Bhaskar News Network

Oct 22, 2019, 07:10 AM IST
Dalsinghsarai News - lord rama is a symbol of love and dignity there is the destruction of enemies with the remembrance of shatrughna dr shastri
प्रखंड के केवटा स्थित श्रीराम-लक्षमण व जानकी मंदिर में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह परायण एवं चरित्र निर्माण यज्ञ के चौथे दिन सोमवार को स्कूली बच्चों सहित ग्रामीण महिला व पुरुष कथा में शामिल होकर भक्ति रस में डूबे रहे। इस दौरान आचार्य के रूप में महापण्डित भारद्वाज पांडेय व यजमान के रूप में ट्रस्टी मैनेजर विजयवन्त कुमार चौधरी के साथ स्कूली बच्चे व विशिष्टजनों ने नवाह यज्ञ में भाग लिया। नवाह यज्ञ के बाद महामना पं. मदनमोहन मालवीय सभागार में रामचरित मानस कथा का आयोजन शुरू हुआ। व्यासपीठ से डॉ. पुण्डरीक शास्त्री ने रामकथा में भगवान श्रीराम के नामकरण संस्कार पर व्याख्यान दिया। कहा कि इस दुनिया में तीन राम हुए : परशुराम, बलराम व श्रीराम। और यह राम सबसे बड़े हैं, क्योंकि हम किसी को बल और छल से नहीं, प्रेम और चरित्र से जीत सकते हैं। श्रीराम प्रेम और मर्यादा के प्रतीक हैं, भरत जी त्याग की प्रतिमूर्ति हैं, शत्रुघ्न नाम का मतलब है जिनके स्मरण मात्र से शत्रु का नाश होता है। उन्होंने लोभ पर लात मारी अाैर लक्ष्मण जी सारे लक्षण से पूर्ण हैं। जो दुनिया का अपयश लेकर अपने प्रभु को यश दे वही लक्ष्मण है। यह चारों धर्म के अवतार हैं। वहीं उन्होंने भगवान की बाल लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन करते हुए लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

भगवान की बाल लीलाओं और उनके भाइयों की कृति पर प्रकाश डालकर लोगों को कर दिया भाव-विभोर

कथा सुनाते डॉ. पुंडरीक शास्त्री।

समाज के सभी दबे-कुचले और पीड़ित लोगों काे गले लगाने से कायम हाेगा राम राज्य

डॉ. शास्त्री ने समाज व लोगों पर चर्चा करते हुए कहा कि अपनी गलती छुपाने के लिए दूसरों को आइना दिखाने लगे हैं लोग। हम राम राज्य की कल्पना तभी कर सकते है जब समाज के दलित कुचले लोग को गले लगाएं और सभी लोगो को बराबरी का अधिकार दें। राम ने जन्म नही अवतार लिया। निराकार से साकार अाैर निर्गुण से सगुण रूप में भगवान के धरा पर आने काे ही अवतार कहते हैं। हम स्कूल में पढ़कर सिर्फ ओहदा प्राप्त कर सकते हैं लेकिन भगवत कथा में आकर हम चरित्र का निर्माण कर सकते है। शिक्षा और ज्ञान में बहुत अंतर है। खास कर बेटी को पढ़ना बहुत जरूरी है क्योंकि एक बेटी अगर शिक्षित है तो वो स्वच्छ समाज और घर का निर्माण कर सकती हैं। समाज में यह समझने की आवश्यकता है हम चरित्र निर्माण पर बल दें व मर्यादा में रहें। अपने बच्चों को कम से कम 12वीं तक अपने पास रख के पढ़ाये, तभी उसको अपना संस्कार दे सकते हैं। वहीं यज्ञ और कथा से पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। मौके पर रंजीत निर्गुणी, प्रो. चन्द्रकान्त चौधरी, प्रो. उमेश सिंह, कन्हैयालाल चौधरी, सुरेश चौधरी, बलवंत कुमार चौधरी, जयंत कुमार चौधरी, प्रभाकर चौधरी, र|ेश्वर प्रसाद, राज किशोर चौधरी, सतवंत चौधरी, गौतम, रामकृष्ण चौधरी, चुनचुन, जगन्नाथ इस्सर, प्रो. उमेश चौधरी, रामवरण राय अशोक झा, रामशंकर चौधरी, विजय, पंकज चौधरी सहित भारी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित थे।

दलसिंहसराय के केवटा में कथा सुनते श्रद्धालु।

वीणा व तबला वादन कार्यक्रम में बांधा समां

वीणा व तबला पर हुनर दिखाते कलाकार।

भास्कर न्यूज|दलसिंहसराय

प्रखंड के केवटा स्थित श्री राम-लक्ष्मण व जानकी मंदिर में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह परायण एवं चरित्र निर्माण यज्ञ में सोमवार को स्पिक मैके की ओर से संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान युवा पीढ़ी व स्कूली छात्र-छात्राओं को वीणा व तबला के संगत के माध्यम से शास्त्रीय संगीत से जोड़ने का कार्य किया गया। जयपुर घराने के ख्यातिप्राप्त वीणा वादक पंडित सलिल भट्ट और तबला वादक हिमांशु भूषण ने एक से बढ़कर एक संगीतमय प्रस्तुति देते हुए लाेगाें काे मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पूर्व सभी कलाकारों का परिचय छात्रा वैष्णवी चौधरी ने कराया। वहीं ट्रस्टी मैनेजर विजयवंत कुमार चौधरी ने सभी कलाकार को चादर अाैर फूल-माला देते हुए सम्मानित किया। वहीं स्वागत राजीव कुमार चौधरी ने किया। मौके पर प्रखंड प्रमुख कन्हैयालाल चौधरी, रंजीत निर्गुणी, प्रो. चन्द्रकान्त चौधरी, प्रो. उमेश सिंह, सुरेश चौधरी, बलवंत कुमार चौधरी, जयंत कुमार चौधरी, प्रभाकर चौधरी, र|ेश्वर प्रसाद, राज किशोर चौधरी, सतवंत चौधरी, गौतम, रामकृष्ण चौधरी, चुनचुन, जगन्नाथ इस्सर, प्रो. उमेश चौधरी, रामवरण राय अशोक झा, रामशंकर चौधरी, विजय, पंकज चौधरी सहित स्कूली छात्र-छात्राएं व ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित थे।

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