जिले के 1200 स्कूलों के लगभग डेढ़ लाख बच्चों काे पाठ्य पुस्तक की नहीं मिली राशि, अभिभावकों में आक्रोश

Samstipur News - जिले के प्रारंभिक स्कूलों के छात्र व छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक खरीदने की राशि नहीं मिलने से असमंजस की स्थिति में...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 09:20 AM IST
Samastipur News - nearly 15 lakh children of 1200 schools in the district did not get the amount of textbooks parents were angry
जिले के प्रारंभिक स्कूलों के छात्र व छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक खरीदने की राशि नहीं मिलने से असमंजस की स्थिति में है। ये बच्चे पैसे का इंतजार कर रहे हैं। बताया गया कि स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू होने के बाद बाजार से बच्चे किताब की खरीदारी भी कर रहे हैं। पर सरकार द्वारा नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली राशि अभी नहीं मिली है। यह स्थिति जिले में एक दो नहीं बल्कि 1200 स्कूलों में बनी हुई है। इन स्कूलों की ओर से अब तक राशि वितरण का प्रमाण पत्र विभाग में जमा नहीं किया गया है। डीईओ, डीपीओ, बीईओ, प्रधानाचार्य के मई के वेतन पर रोक लगा रखी गई है। बावजूद अभी तक बच्चों के खाते में किताब खरीदने की राशि नहीं भेजी जा सकी है। विभाग ने 31 मार्च को ही किताब की राशि जिले की सभी शिक्षा समितियों के खाते में स्थानांतरित कर दिया था। वैसे शिक्षा विभाग ने स्कूलों के खाते में बच्चों के अनुपात में राशि उपलब्ध करा दिया है। बावजूद बच्चों को राशि नहीं मिलना विभाग पर प्रश्नचिन्ह कर रहा है। 15 अप्रैल तक रिपोर्ट शून्य मिलने पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने कड़ा संज्ञान लिया था। वहीं 17 अप्रैल को पत्र जारी कर 30 अप्रैल तक भुगतान का अंतिम समय दिया था। उसके बाद डीईओ, डीपीओ, बीईओ, प्रधानाचार्य आदि पदाधिकारियों का वेतन बंद कर दिया जाएगा। बावजूद स्थिति यह है कि स्कूलों में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों में पठन-पाठन कार्य बंद है। वहीं शिक्षक अब तक राशि भेजने को लेकर कागजात तैयार करने में ही लगे हुए है।

पाचवीं तक के बच्चों को 250 रुपये देय |शिक्षा विभाग ने पूरे राज्य के प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए 5 अरब, 28 करोड़, 87 लाख रुपये दिए हैं। वर्ग 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं के लिए 250 रुपये प्रति छात्र-छात्रा एवं वर्ग 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के लिए 400 रुपये प्रति छात्र-छात्रा की दर से पाठ्य पुस्तक की राशि दी जानी है। खुले बाजार से बच्चे पाठ्य-पुस्तकों के अलावा बचे हुए पैसों से कलम-कॉपी व लेखन सामग्री खरीदेंगे।


खाते में राशि डालने के बाद देना है प्रमाण पत्र |बच्चों के खाते में राशि भेजने के बाद सभी प्रधानाध्यापक इस आशय का प्रमाणपत्र बीआरसी, सीआरसी, बीईओ को उपलब्ध कराएंगे। फिर इसे जिला कार्यालय और राज्य मुख्यालय को प्रेषित किया जाएगा। प्रमाणपत्र नहीं आने तक जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) एवं प्रधानाध्यपकों के मई का वेतन बंद रहेगा।

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