साइबर सेनानी ग्रुप में जुड़े लोग सूचना की जगह डाल रहे हैं मनोरंजक पोस्ट

Samstipur News - राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय के निर्देश पर दलसिंहसराय एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर व थानाध्यक्ष ने...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:11 AM IST
Dalsinghsarai News - people involved in cyber fighter group are replacing information with entertaining posts
राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय के निर्देश पर दलसिंहसराय एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर व थानाध्यक्ष ने सोशल मीडिया सहित अन्य साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस-जनता व्हाट्सएप साइबर सेनानी ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप के गठन का उद्देश्य आम लोगों की सहभागिता से साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना, साइबर अपराध को रोकना और लोगों को जागरूक बनाना है। इसको लेकर पुलिस महानिदेशक के आदेश में कहा गया है कि कानून व्यवस्था की अनेक समस्याएं झूठी खबरों अथवा अफवाहों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण उत्पन्न हो रही है, जिन पर नियंत्रण अनिवार्य है। सोशल मीडिया से अविश्वसनीय संदेशों का प्रसार रोकने एवं सही तथा विश्वसनीय जानकारी आम जनता तक देने के लिए राज्य में पुलिस-जनता व्हाट्सएप ग्रुप (साइबर सेनानी ग्रुप) बनाने का निर्णय किया गया था। ऐसा करने वाला बिहार पहला राज्य है जहां पुलिस पब्लिक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया था।

धीरे-धीरे अपने आप ही लोग ग्रुप छोड़कर हो जा रहे हैं अलग

साइबर अपराध और अफवाहों को रोकने के लिए बनाया गया था ग्रुप

एसडीपीओ के साइबर सेनानी ग्रुप की तस्वीर।

तीन ग्रुप से अबतक 50 लोग हुए बाहर

पुलिस ने जिस उद्देश्य से इसे बनाया था, वह दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। इसको लेकर एसडीपीओ कुंदन कुमार ने डीएसएस साइबर सेनानी ग्रुप बनाया जिसमें फिलहाल 199 लोग जुड़े हैं। तत्कालीन सर्किल इंस्पेक्टर धरम पाल ने दलसिंहसराय सीआई साइबर ग्रुप बनाया जिसमें फिलहाल 121 लोग जुड़े हैं। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्र ने साइबर सेनानी डी सराय पीएस ग्रुप बनाया जिसमें फिलहाल 190 लोग जुड़े हैं। सभी ग्रुप से जुड़े लोग किसी भी प्रकार के होने वाले क्राइम की सूचना की जगह गुड मॉर्निंग, गुड नाईट, ऑडियो क्लिप, वीडियो क्लिप, ट्रांसफर-पोस्टिंग, न्यूज कटिंग, बेव न्यूज, मनोरंजक व उत्तेजक पोस्ट डाल रहे हैं। इसको लेेकर तीनों ही ग्रुप से अभी तक 50 से अधिक गणमान्य लोग बाहर निकल गए हैं।

थानाध्यक्ष के साइबर सेनानी ग्रुप की तस्वीर।

जरूरी सूचना देने काे कहा जाएगा


सदस्य काे साइबर सेनानी के नाम से जाना जाएगा

पुलिस मुख्यालय स्तर पर साइबर संबंधी एक व्हाट्सएप समूह पूर्व से कार्यरत है। साम्प्रदायिक सौहार्द स्थापित करने के लिए धार्मिक पर्वों के अवसर पर मीडिया में परामर्श जारी किया जाता है। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से समाज में वैमनस्य बढ़ाने वाली अफवाहें और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को लेकर गृह मंत्रालय ने आम लोगों के लिए एक अपील जारी की जिसमें कहा गया है कि ऐसे पोस्ट, रिट्वीट या शेयर न करें जिससे किसी की भावना आहत हो। गृह विभाग की अपील में कहा गया है कि दुष्प्रचार, अफवाह या दो समूहों में तनाव या वैमनस्य पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल होने वालों के विरुद्ध भादवि की धारा 153 ए व 295 ए के अंतर्गत तीन वर्षों की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है तथा आईटी एक्ट 2008 की धारा 67 के अंतर्गत तीन वर्षों की सजा और पांच लाख रुपए तक का जुर्माना और इसे दोहराने पर पांच वर्षों की सजा एवं 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। ग्रुप में जागरूक व जिम्मेदार नागरिक को ही सदस्य बनाया गया था जो सोशल मीडिया के माध्यम से नकारात्मक और भ्रामक संदेशों का खंडन करेंगे। ग्रुप के सदस्य को साइबर सेनानी के नाम से जाना जाएगा।

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