64वें दिन भी जारी रहा सत्याग्रह आंदोलन
सीएए, एनआरसी एवं एनपीआर वापस लेने की मांग पर संविधान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मुख्यालय स्थित समाहरणालय के समक्ष सरकारी बस स्टैंड परिसर में 10 जनवरी से शुरू सत्याग्रह आंदोलन शुक्रवार को 64 वें दिन भी अनवरत जारी रहा। सत्याग्रह आंदोलन को संबोधित करते हुए जेएनयू के पूर्ववर्ती छात्र मोहन मुरारी झा ने कहा कि भारत सरकार कह रही है कि कागजात नहीं मांगा जाएगा तो माता-पिता का जन्म तिथि, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन नंबर आदि एनपीआर के फॉर्मेट में क्यों है। सरकार विवादास्पद कॉलम को फॉर्मेट से क्यों नहीं हटाती। सरकार की कथनी एवं करनी में फर्क है। मसीर आलम सिद्धिकी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं दिलीप कुमार राय की तीन सदस्यीय अध्यक्षमंडली ने आयोजित सभा की अध्यक्षता की। खालीद अनवर एवं रामसगुन राम ने सभा का संचालन किया। सभा को आफताब अंसारी, खुर्शीद खैर, पप्पू खान, राम विनोद पासवान, सुनील कुमार, मो. फरमान, गंगा प्रसाद पासवान, मो. रुबैद, मसूद जावेद, नासरीन अंजुम, उजमा रहीम, शाहीद रजा, अंसार अहमद, नुरूल हसन, सादिया जैनब,आरिफा नाग, नजराना परवीन, सबका बेगम, सलमा खातुन, कमरून निशा, फिरोजा बेगम, नसीमा बानो, सबीना खातून आदि ने संबोधित किया।