• Hindi News
  • Bihar
  • Samstipur
  • Samastipur News the statues of 50 crores which have been closed in the chest for 20 months will be re seated in narghoghi monastery on january 31

20 महीने से संदूक में बंद 50 करोड़ की मूर्तियां 31 जनवरी को नरघोघी मठ में फिर से विराजमान होगी

Samstipur News - लूट, बरामदगी फिर कोर्ट की लंबी प्रक्रिया व इंतजार में लगभग 20 महीने से संदूक में बंद ‘भगवान’ की प्राण-प्रतिष्ठा के...

Jan 16, 2020, 09:15 AM IST
Samastipur News - the statues of 50 crores which have been closed in the chest for 20 months will be re seated in narghoghi monastery on january 31
लूट, बरामदगी फिर कोर्ट की लंबी प्रक्रिया व इंतजार में लगभग 20 महीने से संदूक में बंद ‘भगवान’ की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त आ गया। 31 जनवरी को राम-जानकी, लक्ष्मण, हनुमान समेत 14 विभिन्न देवताओं की अष्टधातु व सोने की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाएगी। नरघोघी मठ में चार दिवसीय यज्ञ की शुरुआत 29 जनवरी से हो जाएगी। यज्ञ के लिए मठ के 365 कुटिया के महंतों के अलावा गंगा तट से लेकर नेपाल के बॉर्डर तक के 500 संत-महात्माओं को यज्ञ में आने के लिए आमंत्रण भेजा गया है। मठ के महंत शिवराम दास व रामजानकी न्यास समिति के सचिव नंद कुमार झा बताते हैं कि यज्ञ को लेकर तैयारी जोरों पर है। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व मठ का जीर्णोद्धार कराया गया है, जिस पर करीब 15 लाख रुपए का खर्च आया है।

11 अप्रैल 2018 को मठ से बेशकीमती मूर्तियों की हुई थी लूट, 16 को हुई थी बरामद, तबसे प्राण-प्रतिष्ठा का था इंतजार

नरघोघी मठ के इसी गर्भगृह में स्थापित होंगी 14 मूर्तियां।

पहले गंगाजल, फिर दूध व अनाज में रखे जाएंगे भगवान

पंडित अभिराम झा के नेतृत्व में दर्जनभर से अधिक वैदिक पंडितों द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी। भगवान की मूर्तियों को पहले गंगाजल, फिर दूध व अनाज में रखे जाएंगे। इसके बाद उन्हें गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने में तीन दिनों का समय लगेगा। प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ संपन्न होने के बाद एक फरवरी को साधु-संतों के भंडारा का आयोजन होगा।

अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्कर के घर से बरामद हुई थी मूर्तियां

घटना के पांच दिनों के अंदर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्कर कटिहार मनिहारी के मो. फारूक आलम के यहां से बरामद किया था। पुलिस ने इस दौरान कटिहार मेडिकल कॉलेज के द्वितीय वर्ष के छात्र डॉ शाहनवाज उर्फ शमशाद उर्फ डॉ अशोक उर्फ पप्पू भाई को भी गिरफ्तार था। इसके अलावा लाइनर की भूमिका निभाने वाले मुफस्सिल थाने के कोरबद्धा निवासी देवेंद्र कुमार, खरीदाबाद के विश्वनाथ राय उर्फ बिसो राय, नगर थाने के बहादुरपुर अटेरन चौक के आशुतोष कुमार, अमित आनंद को गिरफ्तार था।

671 साल पुराना है नरघोघी मठ

नरघोघी मठ की सभी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा 1347 ई. में नरहन स्टेट की रानी द्वारा कराई गई थी। तब से मठ में लगातार पूजा-अर्चना की जा रही है। इस मठ के अधीन देश के विभिन्न शहरों में छोटे-छोटे 365 मठ हैं। घटना के बाद मूर्तियों की पूजा-अर्चना बंद है। इस मठ की जमीन में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई है।

पूरा घटनाक्रम: जानिए कब क्या-क्या हुआ

11 अप्रैल 2018 की रात बदमाशों ने दिया था घटना को अंजाम।

17 अप्रैल 2018 को तड़के पुलिस की टीम ने कटिहार व पूर्णिया में छापेमारी कर किया बरामद, छह को किया गिरफ्तार।

18 अप्रैल 2018 को सरायरंजन थाने में संदूक में बंद की गई मूर्तियां।

25 अप्रैल 2018 को रामजानकी न्यास समिति ने इन मूर्तियों पर दावा पेश किया था।

15 जुलाई 2018 को पुलिस ने 400 पन्नों की चार्जशीट दायर की।

10 मार्च 2019 को कोर्ट ने पहचान परेड का आदेश दिया।

12 मई 2019 को मजिस्ट्रेट के सामने पहचान परेड कराई गई।

25 जून 2019 को कोर्ट ने सभी मूर्तियों को रामजानकी न्यास समिति को सौंपने का आदेश दिया।

28 जून 2019 को सरायरंजन पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने महंत शिवराम दास व मठ न्यास समिति को सभी मूर्तियों को सौंप दिया।

29 जनवरी 2020 से शुरू होगा प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ।

X
Samastipur News - the statues of 50 crores which have been closed in the chest for 20 months will be re seated in narghoghi monastery on january 31
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना