टर्मिनल हिट की मार से बर्बाद हो रही है गेहूं की फसल, रुक गया है गेहूं की बालियों का विकास

Samstipur News - मौसम के बिगड़े मिजाज से रबी फसल पर संकट गहरा गया है। बढ़े हुए तापमान से गेहूं फसल की बाली का विकास रुक गया है। गेहूं की...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 05:06 AM IST
Samastipur News - the wheat crop is stopped due to the destruction of the terminal hit the development of wheat earrings
मौसम के बिगड़े मिजाज से रबी फसल पर संकट गहरा गया है। बढ़े हुए तापमान से गेहूं फसल की बाली का विकास रुक गया है। गेहूं की जड़ मजबूत और घनी होने के बजाए पहले से ही कमजोर है। जिले के ज्यादातर प्रखंडों में गेहूं के पौधे बढ़े ही नहीं थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल गेहूं के उत्पादन में काफी कमी आएगी। इसके साथ अब गेहूं की फसल पर टर्मिनल हिट(तापमान बढ़ने के साथ पछुआ हवा का चलना) की मार से किसान के हलक सुख गए है। गेहूं में दाना बनने के समय तापमान में बढ़ोतरी व पछुआ हवा के चलने से दाना सुखने लगता है। जो दाना तैयार भी होता है तो काफी पतला रहने के कारण उपज पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है। मार्च के दूसरे सप्ताह में ही इस तरह का मौसम होने से किसान चिंतित हो गए है। मौसम के इस रूख से किसान और कृषि विभाग दोनों चिंतित है। कृषि विशेषज्ञों व किसानों के अनुसार तापमान ऐसे ही रहा तो गेहूं का उत्पादन पिछले वर्षों की अपेक्षा 30-40 फीसदी तक गिर सकता है। वर्ष 2017 में जिले में गेहूं का उत्पादन 3553000 क्विंटल हुआ था। इस बार मौसम के बदले मिजाज से गेहूं के उत्पादन में 1421200 क्विंटल तक गिरावट आ सकती है।

पटसा गांव में टर्मिनल हिट से बर्बाद हो रही फसल।

4 डिग्री अधिक रह रहा है अभी का तापमान

मौसम के जानकार बताते हैं कि गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए अभी के समय अधिकतम तापमान 22-28 डिग्री के बीच रहना चाहिए। लेकिन, इन दिनों अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास रह रहा है। इसका असर गेहूं के बाली पर पड़ रहा है। पौधे का विकास रुक गया है। किसानों के अनुसार इस समय गेहूं के पौधे की लंबाई 12 इंज तक होनी चाहिए थी, लेकिन यह पांच इंच के आसपास ही है।


X
Samastipur News - the wheat crop is stopped due to the destruction of the terminal hit the development of wheat earrings
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना