पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एम्बुलेंसकर्मियों ने सपरिवार धरने पर बैठने की धमकी दी

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विभिन्न मांगों को ले अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए 102 एंबुलेंस कर्मी लगातार तीसरे दिन भी एंबुलेंस सेवा को ठप कर धरना पा बैठे रहे। एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष विरेंदर सिंह ने कहा कि हमारी हड़ताल को कुचलने की कोशिश की जा रहीं है।

अधिकारियों द्वारा हड़ताल वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन कोई भी हमारी मांग पर विचार करने को तैयार नहीं। विभाग ने पिछली बार आंदोलन के दौरान वार्ता में हमारी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। उनके भरोसे पर हड़ताल वापस लिया गया था। लेकिन वर्तमान में अधिकारियों की मनसा स्पष्ट नहीं है। जिससे असंतोष व्याप्त है। आंदोलनकारी एंबुलेंस कर्मियों की माने तो हम अपनी मजदूरी और हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी समस्या रोजी-रोटी से जुड़ी है। ऐसे में विभाग के पदाधिकारी बेवजह दबाव बनाना बंद नहीं करेंगे तो मजबूर होकर पूरे परिवार के साथ धरना पर बैठ जाएंगे।

इधर सरकारी एंबुलेंस का परिचालन ठप हो जाने से गरीब मरीज बेहाल है। सबसे अधिक परेशानी प्रसूती महिलाओं को हो रहीं है। आए दिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग मजबूरी में निजी एंबुलेंस का सहारा ले रहे हैं। हड़ताल से मरीज व उनके परिजन परेशान हैं।

वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गरीब मरीजों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। हड़ताल पर गए एंबुलेंस कर्मियों में,कन्हैया कुमार, योगेंद्र प्रसाद, सत्येंद्र सिंह आदि थे।

खबरें और भी हैं...