ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू की थी सृष्टि रचना
करगहर प्रखंड क्षेत्र के सिरिसियां गांव में ग्रामीणों द्वारा चैता कार्यक्रम का आयोजन मंटू प्रसाद गुप्ता एवं लपसी बाबा द्वारा किया गया। जिसका उद्घाटन शाहाबाद प्रक्षेत्र के समाजसेवी विवेक कुमार पांडेय उर्फ सोनू पांडेय किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी ने कहा कि भारतीय पंचांग का पहला महीना चैत्र है, चित्रा नक्षत्र से संबंध रखने के कारण इसका नाम चैत्र है। इस महीने में वसंत का अंत और ग्रीष्म का आरंभ होता है। इस महीने से ज्योतिष का गहरा संबंध है। अमावस्या के पश्चात चन्द्रमा जब मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रकट होकर प्रतिदिन एक-एक कला बढ़ता हुआ 15वें दिन चित्रा नक्षत्र में पूर्णता को प्राप्त करता है, तब वह मास ‘चित्रा’ नक्षत्र के कारण चैत्र कहलाता है। इसे संवत्सर कहते हैं जिसका अर्थ है ऐसा विशेषकर जिसमें बारह माह होते हैं।
उन्होंने कहा कि इस दिन का महत्व पौराणिक मान्यता अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने दशावतार में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में अथाह जलराशि में से मनु की नौका का सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। प्रलयकाल समाप्त होने पर मनु से ही नई सृष्टि की शुरुआत हुई।