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धान की बर्बादी पर किसानों को नहीं मिला मुआवजा

एक वर्ष पहले
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खरीफ मौसम में हुई असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि की वजह से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था। इस पर सरकार द्वारा दी जाने वाली मुआवजा की सुविधा में रोहतास जिला के किसानों को शामिल नहीं किया गया है। जदयू के वरिष्ठ नेता नन्द कुमार सिंह ने यह सवाल पूछा है कि सरकार ने ऐसा क्यों किया। श्री सिंह ने कृषि मंत्री प्रेम कुमार को पत्र लिख कर कहा कि जिन 11 जिलों के किसानों को क्षतिपूर्ति मुआवजा देने हेतु स्वीकृति दी गई है, उनमें रोहतास जिला के किसान शामिल नहीं किये गए हैं। यह काफी दुखद है। इनका कहना है कि अतिवृष्टि होने से खेत और खलिहान में धान सड़ गया था, इसके चलते किसान का धान 1300 रु क्विंटल भी कोई लेने वाला नहीं मिला था। अगर व्यापारी ले भी गये हैं तो किसानों को उचित पैसा नहीं मिल रहा है। जिसके चलते किसान की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गयी है। जदयू नेता ने कहा कि अभी खरीफ फसल में प्राकृतिक कहर से किसान उबरा भी नहीं था कि अब रवि फसल की बर्बादी असमय वर्षा और ओलावृष्टि होने की वजह से हो गयी। यह बहुत ही गंभीर मुदा है। श्री सिंह ने कृषि मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि इस पर गंभीरता पूर्वक विचार करें और किसानों को उचित मुआवजा देने का कष्ट करें।

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