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24 घंटे में 41.9 एमएम बारिश के साथ पड़े ओले, तबाह हुई फसल

एक वर्ष पहले
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बर्बादी की तस्वीरें... ओले की मार से खेत में ही कटकर गिर गई अधपकी फसल

शुक्रवार की रात चली आंधी, बारिश व ओलवृष्टि ने जिले के किसानों पर जमकर सितम ढाया। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में 41.9 मिली मीटर हुई बारिश तेज आंधी व ओलावृष्टि ने रबी की फसल तबाह कर दी है। आंधी-पानी व ओलावृष्टि से खेतों में गेहूं व सरसों की फसल धराशाई हो गई। गेहूं की बालियां टूट गईं। प्याज, आलू व टमाटर की फसल भी बर्बाद हो गई। तीन दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। दो दिन से रात में लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों की फसल प्रभावित हो गई है। कृषकों की माने तो मौसम की मार से करीब 50 प्रतिशत उपज कम हो जाएगी। जिले के अधिकतर स्थानों पर खेतों में तैयार गेहूं और सरसों समेत अन्य फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। शुक्रवार की रात जिले के दक्षिणी क्षेत्र में ओले गिरे। जिले के चेनारी, शिवसागर, सासाराम, तिलौथू, रोहतास व नौहट्टा प्रखंडों बर्फ गिरने से खेतों में लगे 70 प्रतिशत तक रबी का फसल बर्बाद हो चुकी है। अनुमान के अनुसार जिले भर में लगभग 20 हजार हेक्टेयर में लगी फसल नष्ट हुई है।

मकान ध्वस्त होने से अधेड़ की मौत, ठनका से किशोरी झुलसी

शिवसागर/कोचस|शिवसागर थाना अंतर्गत बड्डी ओपी के आलमपुर में मकान ध्वस्त होने से 55 वर्षीय शंकर महतो की मौत हो गई। शुक्रवार कीी रात निर्माणाधीन मकान ध्वस्त हो गया। वहीं कोचस प्रखण्ड क्षेत्र के धनछूआ गांव में ठनका की चपेट में आने से किशोरी झुलस गई। किशोरी ओसीयर यादव की पुत्री कविता कुमारी उम्र 13 साल की बताई गई।

70 प्रतिशत तक क्षति

जिला उद्यान पदाधिकारी विजय कुमार द्विवेदी की माने तो इन दिनों तेज हवा संग फिर बरसात हुआ तो आम का उत्पादन काफी कम हो जाएगा। कृषि वैज्ञानिक डा. रतन की माने तो गेहूं समेत रबी की अन्य फसलों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। क्षति 50 से 70 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। गेहूं की फसल की उपज भी प्रभावित होगी, जबकि सरसो समेत अन्य कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिन क्षेत्रों में ओला वृष्टि हुई है वहा 70 प्रतिशत तक क्षति आंकी जा रही है। फसलों के फूल झड़ गए।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फसल क्षति का आंकलन करने के लिए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को निर्देशित किया जा चुका है। कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार जांच के लिए निकल चुके है। जिले भर से रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का सही आकलन हो पाएगा।

खरीफ के बाद अब रबी फसल पर संकट... आम के मंजर को भी 50 प्रतिशत नुकसान

बेमौसम बारिश: बरसात से पहले ही महादेव खोह झरना हुआ प्रस्फुटित

समन्वयक व किसान सलाहकार देंगे रिपोर्ट

कटी बालियां दिखाता किसान।

जमीन से बाहर आया आलू।

प्याज की फसल।

बर्फ से दबीं बालियां

आरा- सासाराम स्टेट हाईवे समेत कई सड़कें जाम

आंधी के चलते जिले में दर्जनों जगहों पर सड़क पर पेड गिर पड़े। लालगंज में आरा- सासाराम स्टेट हाईवे पर पेड़ गिरने यातायात ठप हो गया। वहीं सासाराम के खैरा में बरगद का पेड़ आंधी में गिर गया। शिवसागर के अमठा में भी सड़क पर पेड़ गिर जाने से यातायात ठप हो गया। काफी मशक्कत के बाद पेड़ों की डालियां काटकर सड़कों को वाहनों के लिए सुचारू किया जा सका।

ओले की मार से गेहूं की बालियां कट कर खेत में ही गिर गईं। बर्फ की बोझ से फसल खेत में बिछ गई। प्याज की फसल भी ओले की चोट से बर्बाद हो गई, अब प्याज खेत में ही सड़ जाएगी। यही हाल आलू का भी हुआ। आलू तैयार होने से कुछ दिन पहले ही क्यारियों की मिट्‌टी धुल गई, और आलू बाहर आ गया। टमाटर और सरसो की फसल को जिले में व्यापक नुकसान हुआ है।

दो दिनों से रात में लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि

मौसम का कहर

_photocaption_नौहट्टा|बेमौसम बारिश से महादेव खोह झरना प्रस्फुटित हो गया। आमतौर पर मानसून आने के बाद भारी बारिश होने पर कैमूर की पहाड़ी का झरना अपने स्वरूप को ग्रहण कर पाता है। फिलहाल यह जलमग्न है।*photocaption*
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