अवैध बालू घाट के चक्कर में चल रही है गोली

Sasaram News - सिटी रिपोर्टर | बिक्रमगंज सदर खनन विभाग के द्वारा जारी किए गए मान्यता प्राप्त घाट के अलावे अवैध रूप से चलाए जा...

Nov 11, 2019, 06:56 AM IST
सिटी रिपोर्टर | बिक्रमगंज सदर

खनन विभाग के द्वारा जारी किए गए मान्यता प्राप्त घाट के अलावे अवैध रूप से चलाए जा रहे बालू घाट को चलाने को लेकर वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है। दो दिन पूर्व पड़ुहार घाट पर अपराधियों के द्वारा गोली मारकर एक युवक को जख्मी कर दिया गया था। इसके पहले भी जिले में बालू घाट पर बंदूकें गरजी थी एवं एक की हत्या और 2 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे। जब माइनिंग विभाग के द्वारा घाटों का सत्यापन कर घाट को संचालित कर दिया जाता है। उसके बाद उसी घाट के आसपास अवैध रूप से घाट कैसे संचालित होते हैं यह लोगों के बीच सवाल बना हुआ है। इतना ही नहीं वैध घाट से तो सरकार के राजस्व की वसूली होती है। वही बगल में चल रहे अवैध घाट के राजस्व किस सरकारी खाते में जाते हैं। यह तो खनन विभाग के अधिकारी ही बताएंगे, लेकिन अधिकारी कुछ भी बताने से इंकार करते हैं। बिक्रमगंज अनुमंडल में लगभग 9 सोन नदी एवं 4 काव नदी में में माइनिंग विभाग ने बालू खनन की स्वीकृति दी है, लेकिन किसकी अनुमति से दर्जनों घाट सोन नदी से लेकर काव नदी में संचालित हो रहे हैं।

एक घाट की स्वीकृति पर चलते हैं तीन-तीन बालू घाट : खनन विभाग द्वारा राजस्व वसूली के लिए चिन्हित किए गए सोन नदी के किनारे बालू घाट के बगल में ही अवैध घाट संचालित होते हैं। लोग बताते हैं कि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत एवं बालू कंपनी के द्वारा दिए गए कोड के आधार पर उक्त घाट संचालित कर दिए जाते हैं। जहां से एक पैसे भी सरकार के खाते में राजस्व नहीं जमा किए जाते हैं।

खनन पर नहीं लगी रोक हो सकती है बड़ी घटना

ऐसे बहुत से लोग सरकार के घाट के बगल में रास्ते का लीज लिखा कर अपने पास रखे हुए हैं एवं बालू संचालित कर रही कंपनी के पास कूपन लेकर घाट चालू करने के फिराक में लगे हुए हैं। अगर वैध घाट के अलावे चल रहे अवैध घाटों पर प्रशासन के द्वारा अंकुश नहीं लगाया गया तो किसी भी घाट पर कभी भी बंदूकें गरज सकती है एवं किसी की भी जान जा सकती है। ऐसा लोगों का मानना है कि हर जगह अवैध घाट के लिए आपस में रस्साकशी अवैध खनन करने वाले लोगों के बीच चल रही है।

बिक्रमगंज अनुमंडल में कहां कहां हैं सरकारी के घाट

अनुमंडल के दनवार (कच्छावा कैथी) महादेवा मांगराव ए ,बी, अमियावर, ए अमियावर बी एवं गांव के समीप नदी में 4 घाट खनन विभाग ने बालू खनन के लिए स्वीकृत किया है। क्षेत्र में कितने घाट चल रहे हैं यह तो खनन विभाग के अधिकारी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।

वैध घाटों के बगल में संचालित होता है अवैध घाट

जितने भी खनन विभाग के द्वारा स्वीकृत किए गए बालू घाट हैं। उनके बगल में एबीसीडी करके अवैध रूप से खनन विभाग के अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध घाट संचालित किए जाते हैं। जब कभी जिले के अधिकारी घाट का निरीक्षण करने पहुंचते हैं तो उस वक्त अवैध घाट को तोड़कर हटाए जाते हैं एवं उनके रास्ते को भी क्षतिग्रस्त किया जाता है। उनके चले जाने के बाद ही पुनः उसे संचालित कर अवैध खनन में लोग जुट जाते हैं।

कुछ भी स्पष्ट नहीं बताते खनन अधिकारी

घाट पर चली गोली के बारे में खनन विभाग के इंस्पेक्टर निसार अहमद ने दबे स्वर में बताया कि यह घाट वैध नहीं था। वैसे सरकारी घाट की संख्या उन्होंने जरूर बताएं, लेकिन कुछ भी स्पष्ट बताने से कतराते हुए नजर आए।

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