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दुर्व्यवहार की शिकायत के बाद महिला स्वास्थ्यकर्मी की सेवामुक्ति का निर्देश
जिले के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जनार्दन प्रसाद सुकुमार के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस से किए जान के बाद नाराज एसीएमओ ने महिला स्वास्थ्य कर्मी को सेवा मुक्त करने की अनुशंसा वरीय अधिकारियों की गई। जिसके आलोक में यक्ष्मा के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ मेजर केएन सहाय ने महिला स्वस्थ्य कर्मी(यक्षमा पर्यवेक्षक) प्राची सिंह को सेवा मुक्त करने का निर्देश सिविल सर्जन को जारी किया है। पत्र संख्य 238 के तहत राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सीएस को निर्देशित किया है कि महिला स्वास्थ्यकर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही उजागर होने के बाद एसीएमओ पर दबाव बनाने के लिए पुलिस को आवेदन दिया जाना तथा संघ के माध्यम से दबाव बनाना कार्य में लापरवाही का घोतक है। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने महिला स्वास्थ्य कर्मी को सेवा मुक्त कर रिपोर्ट करने को कहा है। उधर महिला स्वस्थ्य कर्मी ने इस कार्रवाई को दुर्व्यवहार की शिकायत का परिणाम बताया जा रहा है। प्राची सिंह ने कहा कि एसीएमओ बीना किसी काम के अपने कार्यालय में बुलाते रहते थे। उनके द्वारा अनावश्यक बातों का विरोध करने पर वे हमेश नौकरी खा जाने की धमकी दिया करते थे। इस दौरान मुझ पर दबाव बनाने के लिए काम में कोई न कोई कमी निकालकर शो-कॉज भी किया गया। जिसका मैने साक्ष्य के साथ जबाब दे दिया था। लेकिन गत 14 फरवरी को एसीएमओ साहब पीएचसी से अपने सरकारी गाड़ी में होम विजिट के लिए मुझे मुसई टोला ले गए। जिस दौरान उन्होंने प्रताड़ित किया, विरोध करने पर वो मुझे मुसई टोला पर छोड़ कर गाड़ी से वापस लौट गए। किसी तरह वहां से अकोढ़ीगोला स्थित किराये के मकान में पहुंची। अगले दिन 15 फरवरी को मामले की प्राथमिकी थाने में दर्ज कराई।