आईओटी डिवाइस से पानी सप्लाई का पता चलेगा
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना अंतर्गत नल-जल योजना की मानीटरिंग के लिए प्रत्येक जलापूर्ति योजना में आईओटी डिवाइस लगाया जाएगा। जिसका नियंत्रण जिला पंचायती राज कार्यालय से किया जाएगा। कार्यालय में एक कंट्रोल यूनिट बनाई जाएगी। जिसके माध्यम से पेयजल आपूर्ति के वास्तविक समय एवं मात्रा पर नजर रखी जाएगी। इससे प्राप्त सिग्नल से यह पता चलेगा कि किस वार्ड में जलापूर्ति हो रही है और किस वार्ड में नहीं हो रही है।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी अजय शंकर मिश्रा ने बताया कि जिले में नल-जल योजना के तहत सभी 2171 प्रोजेक्ट में आईओटी डिवाइस लगाया जाएगा। इसी के माध्यम से योजना के कार्यान्वयन की निगरानी की जाएगी। बताया कि जिले में आइआेटी प्रोजेक्ट के को इंस्टाल करने के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आइओटी डिवाइस-
दी इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) में अंतर संबंधित कंप्यूटर डिवाइसों के साथ मैकनिकल व डिजिटल मशीनों का समूह जुड़ा होता है। जिसके द्वारा नेटवर्क डाटा का संचरण किया जाता है।
जल्द ही सभी प्रोजेक्ट के आपूर्ति बोरवेल में आईओटी डिवाइस लगाया जाएगा। इसके द्वारा योजना की दिन-प्रतिदिन निगरानी संभव हो पाएगी। देख-भाल की जिम्मेदारी भी अनुरक्षक की होगी। सुबह-शाम मोटर का संचालन का काम भी अनुरक्षक करेगा, अगर किसी घर में पेयजल की आपूर्ति बाधित है तो इसका समाधान में अनुरक्षक करेगा। बताया कि चयनित अनुरक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी एवं उन्हें निश्चित मानदेय दिया जाएगा।
योजना संचालन के लिए अनुरक्षकों का चयन
गांव में बनी पानी टंकी।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि जिले में नल-जल योजना के कार्यान्वयन के लिए अनुरक्षक का चयन किया जाना है। अब तक जिले में 2171 प्रोजेक्ट में लगभग 1500 प्रोजेक्ट पूरे कर लिए गए हैं। जिसमें अनुरक्षकों के चयन का काम पूरा कर लिया गया है। इस अनुरक्षक की यह जिम्मेदारी है कि वह नल-जल योजना की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करेगा एवं नल-जल योजना का रख-रखाव करेगा।
जिले में 2171 प्रोजेक्ट.. सभी के आपूर्ति बोरवेल में आईओटी डिवाइस लगाया जाएगा, प्रतिदिन होगी निगरानी