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चरित्र बनाने के लिए निष्ठावान होना जरुरी: निखिल कुमार
चरित्र बनाने के लिए खुद को निष्ठवान होना जरुरी है स्कूली बच्चों को सत्य पर चलने व सच बोलने की कला सिखाने के साथ साथ अच्छे चरित्र बनाकर ही उनके भविष्य को निखार सकते है युक्त बातें नागालैंड व केरल के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने बिक्रमगंज में रबिवार को विन्यदा स्कूल के 5वी वर्षगांठ पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। उसके पूर्व कार्यक्रम को एसडीएम विजयंत व एसडीपीओ राजकुमार ने फीता काटकर उदघाटन किया था तत्पश्चात मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल पहुंचे तो विधिवत रुप से कार्यक्रम को दीप प्रज्ज्वलित शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बिक्रमगंज जैसे सुदूर इलाका में बेहतर स्कूल की कल्पना को पूरा कर रहा है यह स्कूल जहां बच्चे शिक्षा के साथ साथ चरित्र का भी निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा जिस तरह से बच्चों द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। उनके आंकलन बेहतर है अभी स्कूल में सात सौ बच्चे हैं। जिस दिन चौदह सौ होंगे। हम दुबारा फिर आएंगे। किसी भी तरह की सहयोग की जरुरत पड़े तो वह अपने स्तर से करने को तैयार है कार्यक्रम में आए मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों को स्कूल के चेयरपर्सन विनय सिंह द्वारा बुके व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते केरल के पूर्व राज्यपाल। कार्यक्रम प्रस्तुत करती बच्चियां।
स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा पेश किया गया देश भक्ति गीत- एे मेरे वतन तेरे लिए....
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की छात्रा समीक्षा, सिद्धि, माधवी, नूर अफ़स द्वारा आगन्तुक अतिथियों को स्वागत गीत व क्षितिज मिश्रा द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ उसके बाद नारी सशक्तीकरण पर ऋषभ पांडे द्वारा स्पीच प्रस्तुत किया गया। उसके बाद स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा देश भक्ति गीत ए मेरे वतन तेरे लिए....छोटे छोटे बच्चों द्वारा ओ माय फ्रेंड गणेशा.... पुलवामा अटैक पर सुंदर नाटक के दृश्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मर्माहत व गंभीर कर दिया इस दौरान उपस्थित कई महिला व पुरुष की आंखों में आंसू आ गया। जिस पर भोजपुरी के चर्चित एंकर रविरंजन द्वारा उपस्थित लोगों को दो मिनट कुर्सी से खड़े होकर उन शहीदों के श्रद्धांजलि देने की बात कही तो उपस्थित भीड़ खड़ी हो पुलवामा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दिया गया। कार्यक्रम में दिब्या का स्पीच, सिंघम एक्ट, पापा मेरे पापा....काली एक्ट, श्रेया द्वारा डांस, नन्दनी एक्ट, मेरी माँ, कोका डांस, पापा की लाडली, कृष्ण एक्ट, मोरनी बाग डांस, नरसिम्हा, पेड़ बचाने पर नाटक की प्रस्तुति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, धीमी धीमी इस तरह एक से बढ़ कर एक गीत संगीत बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। स्कूल के निदेशक यशबीर सिंह ने कहा कि 5 सालों के कम अवधि में क्षेत्र के लोगों का दुलार प्यार मिला जिस उद्देश्य से स्कूल का स्थापना हुआ उसमे काफी हद तक सफलता मिला है।
विन्यदा स्कूल के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने दर्शकों का मन मोहा