मणिनगर के महादलित खुले में शौच के लिए मजबूर

Sasaram News - डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र ओडीएफ घोषित है। इसके बावजूद खुले में शौच के लिए बड़ी आबादी विवश है। इस शहरी...

Sep 14, 2019, 07:32 AM IST
Dehri News - mahadalit of maninagar forced to defecate in the open
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र ओडीएफ घोषित है। इसके बावजूद खुले में शौच के लिए बड़ी आबादी विवश है। इस शहरी क्षेत्र के मणिनगर के महादलितों के लिए दो शौचालय बनाए गए हैं, किन्तु दोनों के बंद रहने के कारण वे खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। पिछले दिनों जब यहां पोषण अभियान का आगाज करने विधायक सत्यनारायण सिंह, एसडीएम लाल ज्योति नाथ शाहदेव पहुंचे तो सबने यह शिकायत की कि शौचालय का आज तक इस्तेमाल ही नहीं हुआ। एक शौचालय एक व्यक्ति के कब्जे में है और सामुदायिक शौचालय में ताला बंद रहने के कारण निर्माण के बाद से कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया। मणिनगर के डोम मुहल्ला में दो शौचालय हैं। शौचालय में ताला बंद रहता है। राम पुकार, मुन्ना राम, सागर डोम, बहादुर डोम, शंकर डोम, जोगेंद्र डोम, सागर डोम, बिहारी एवं गब्बर ने बताया कि कभी इनका इस्तेमाल ही नहीं किया जा सका। पानी की व्यवस्था नहीं है। मुहल्लावासियों का कहना है कि जब ताला बंद है और पानी की सुविधा ही नहीं है तो कैसे इस्तेमाल होगा। सरकार रोज खुले में शौच से मुक्ति के लिए काम करने का ऐलान करती है किन्तु यहां से सुविधा ही आधी-अधूरी है तो लोग क्या करें।

2013 में बना शौचालय दूसरे के कब्जे में

विधायक रहते ज्योति रश्मि द्वाराअनुशंसित और इनके द्वारा ही10.9.2013 को उद्घाटित शौचालय किसी के कब्जे में है। 10 लाख 9613 रुपये का प्राक्कलन और 93171 रुपया इकरारनामा की राशि थी। मौके पर हर कोई कहता है कि इसे एक परिवार ने कब्जा कर लिया है जिसे देखा जा सकता है, किन्तु झूठे मुकदमे में फंसाए जाने के डर से कोई अधिकारियों के पास शिकायत नहीं करता है।

10 लाख की लागत से बना था शौचालय

कई सीटों वाला सार्वजनिक शौचालय का निर्माण वित्तीय वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री नगर विकास योजनांतर्गत करीब 10 लाख रुपये की लागत से तत्कालीन विधायक ज्योति रश्मि की अनुशंसा पर किया गया था। कार्यपालक अभियंता जिला शहरी विकास अभिकरण रोहतास कार्यकारी एजेंसी और संवेदक सुभाष कुमार सिंह सासाराम थे। निर्माण वार्ड संख्या-19 में लालझारो के घर के पास इसका निर्माण हुआ था। प्राक्कलित राशि तब 1092000 रुपये और इकरारनामा की राशि 982800 रुपये था।

नहीं लगाया गया समरसेबल

मौके पर मुहल्लावासी राजेश कुमार चंद्रवंशी बोले- तब विधायक ने बनवाया था शौचालय। सबमर्सिबल का काम नहीं हुआ है। बाकी हुआ है। विधायक सत्यनारायण सिंह से बात हुई तो उन्होंने नप से बात की है। शायद 16 सीट का शौचालय है। किसी ने इसे देखा नहीं है। वह बेकार पड़ा हुआ है। उसी समय बनाया गया एक सीट वाला दो शौचालय है, उसको किसी ने अपने कब्जे में ले लिया है। कोई शिकायत इस कारण नहीं करता कि झगड़ा होगा।

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