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जिले में बारिश से गेहूं, सरसों को काफी क्षति

एक वर्ष पहले
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बारिश ने किसानों की स्थिति बदतर कर दी है। उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर कर दी। कमर टूट गयी है किसानों की। कुछ न कर सकने की स्थिति में किसान हैं। कृषि विशेषज्ञ अवधेश कुमार किसानों की वर्तमान स्थिति पर बोले-माथा पकड़ कर बैठने के अलावा कोइ विकल्प किसानों के पास नहीं है। वे कुछ नहीं कर सकते सिवाए इसके कि बैठ कर अपनी बर्बादी देखें। यह किसानों की स्थिति हो गयी है। कारण बेमौसम बरसात है। पहले धान के वक्त बर्बादी हुई अब गेंहू और रबी के वक्त बर्बादी जारी है। ऐसे में किसानों के सपने तो टूटे ही उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर कर दी है। अवधेश कुमार ने बताया कि गेंहूं के जिस खेत में पटवन हो चुका था, अब बारीश के कारण जल जमाव की स्थिति होगी तो गेंहूं में पीलापन आ जाएगा। हालांकि पानी सूखने के बाद स्थिति बदल सकती है। गेंहूं बर्बाद हो रहा है। तेज हवा जिस इलाके में बहेगी वहां अधिक क्षति होगी। बताया कि सरसों, तोरी और राई को भी काफी क्षति होगी। फल को क्षति होगी। बताया कि पहले ही किसानों को धान के वक्त नुकसान हुआ था। अधिक और बिना जरुरत बारीश होने से धान की फसल खेत में गिर गयी थी। दूसरी तरफ प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अभी तो बारीश हो ही रही है, इसलिए कोइ अनुमान नहीं है कि क्या होगा।

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