स्कूलों में फैशन स्टडीज, मास मीडिया समेत कई नए कोर्स की पढ़ाई होगी शुरू

Sasaram News - फैशन स्टडीज, मास मीडिया, म्यूजिक प्रोडक्शन, मेडिकल डायग्नोस्टिक समेत कई नए कोर्स की पढ़ाई छात्र 10वीं के बाद शहर में...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 09:01 AM IST
Sasaram News - schools will start studying many new courses including fashion studies mass media
फैशन स्टडीज, मास मीडिया, म्यूजिक प्रोडक्शन, मेडिकल डायग्नोस्टिक समेत कई नए कोर्स की पढ़ाई छात्र 10वीं के बाद शहर में ही कर पाएंगे। 12वीं के छात्रों को सामान्य कोर्स से अलग कॅरियर के नए विकल्प देने को इस बार सीबीएसई बोर्ड ने कई नए वोकेशनल कोर्स शुरू किए हैं। 12वीं के छात्रों को 42 वोकेशनल कोर्सों का विकल्प दिया गया है।10वीं के बाद ही छात्र कॅरियर को ध्यान में रखते हुए रोजगारपरक पढ़ाई कर सके, इसके लिए सीबीएसई बोर्ड ने इस नए सत्र में बड़ी पहल की है। खास यह कि 42 कोर्सों के साथ ही उसमें क्या कॅरियर बन सकता है और किस इंडस्ट्री में वह उपयोगी है, इसे लेकर भी सूची बोर्ड की ओर से जारी की गई है। सभी स्कूल को बोर्ड ने निर्देश दिया है कि अपने यहां वाकेशनल कोर्स हर हाल में 12वीं में चलाएं। दरअसल, स्कूल में ही छात्रों का हुनर निखारने और उन्हें कौशलपूर्ण शिक्षा देने के लिए व्यवसायिक कोर्स शुरू करने की योजना बनाई गई है। छात्र पांच विषयों के साथ अतिरिक्त विषय के तौर पर ये छठा विषय पढ़ेंगे।

वोकेशनल कोर्स शुरू करने को लेकर सीबीएसई बोर्ड ने स्कूलों को दिया निर्देश

आपस में चर्चा करते स्टूडेंट

सिटी रिपेार्टर|सासाराम

फैशन स्टडीज, मास मीडिया, म्यूजिक प्रोडक्शन, मेडिकल डायग्नोस्टिक समेत कई नए कोर्स की पढ़ाई छात्र 10वीं के बाद शहर में ही कर पाएंगे। 12वीं के छात्रों को सामान्य कोर्स से अलग कॅरियर के नए विकल्प देने को इस बार सीबीएसई बोर्ड ने कई नए वोकेशनल कोर्स शुरू किए हैं। 12वीं के छात्रों को 42 वोकेशनल कोर्सों का विकल्प दिया गया है।10वीं के बाद ही छात्र कॅरियर को ध्यान में रखते हुए रोजगारपरक पढ़ाई कर सके, इसके लिए सीबीएसई बोर्ड ने इस नए सत्र में बड़ी पहल की है। खास यह कि 42 कोर्सों के साथ ही उसमें क्या कॅरियर बन सकता है और किस इंडस्ट्री में वह उपयोगी है, इसे लेकर भी सूची बोर्ड की ओर से जारी की गई है। सभी स्कूल को बोर्ड ने निर्देश दिया है कि अपने यहां वाकेशनल कोर्स हर हाल में 12वीं में चलाएं। दरअसल, स्कूल में ही छात्रों का हुनर निखारने और उन्हें कौशलपूर्ण शिक्षा देने के लिए व्यवसायिक कोर्स शुरू करने की योजना बनाई गई है। छात्र पांच विषयों के साथ अतिरिक्त विषय के तौर पर ये छठा विषय पढ़ेंगे।

सत्र 19-20 के लिए 31 मई तक बोर्ड ने मांगी है रिपोर्ट

नए सत्र में शुरू कर रहे हैं, इसकी रिपोर्ट बोर्ड ने 31 मई तक मांगी है। सभी स्कूल को यह रिपोर्ट भेजनी है। सीबीएसई स्कूल संगठन के पीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 10वीं में 17 और 11वीं-12वीं में 42 यानि कुल 59 वोकेशनल कोर्स के जरिए कॅरियर का विकल्प छात्रों को मिला है।

60 तो किसी में 70 नंबर की होगी थ्योरी

बोर्ड ने 11वीं और 12वीं में जो 42 कोर्स दिए हैं, उनमें किसी में थ्योरी में 60 तो कोई 70 अंक का है। वोकेशनल कोर्स में मुख्य रूप से टेक्सटाइल डिजाइन, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, फूड न्यूट्रीशन, लाइब्रेरी एंड इनफॉर्मेशन साइंस, एग्रीकल्चर, मार्केटिंग, हॉर्टीक्लचर, एक्स रे टेक्निशियन, टैक्सेशन समेत कई महत्वपूर्ण कोर्स शामिल हैं। छात्रों ने कहा कि 12वीं में वोकेशनल कोर्स की संख्या बढ़ जाने से रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। मीडिया कोर्स के लिए भी अब दूसरे शहर में नहीं जाना पड़ेगा।

अतिरिक्त विषय के तौर पर होगा शामिल

स्कूलों में कौशल विकास से जुड़े ये कोर्स अतिरिक्त विषय के तौर पर पढ़ाए जाएंगे। सेकेंडरी स्तर पर छठे विषय के तौर पर शामिल हुए इस विषय का छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। अगर छात्र विज्ञान, गणित या सामाजिक विज्ञान जैसे इलेक्टिव विषयों में फेल होता है तो उसे वोकेशनल विषय में पास होने पर उत्तीर्ण माना जाएगा। कौशल विकास के तौर पर स्कूल कितने भी कोर्स शुरू कर सकते हैं। वहीं, स्कूल संचालकों ने कहा कि छात्रों के कौशल विकास और उन्हें करियर के लिए बेहतर विकल्प देने के लिए व्यवसायिक कोर्स जरूरी हैं।

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