जर्जर है बीडीओ आवास, छत पर प्लास्टिक टांगकर बारिश से बच रहे

Sasaram News - कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण स्थानीय प्रखण्ड कार्यालय परिसर स्थित...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:20 AM IST
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कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण स्थानीय प्रखण्ड कार्यालय परिसर स्थित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा कर्मचारियों के रहने वाले सरकारी आवास की छतें पूरी तरह टपकने के कारण सरकारी भवनों की हालत जहां दयनीय व जर्जर है। वहीं आवासों की छतों से बारिश का पानी टपकने से अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके बीवी- बच्चों की नींद हराम हो गयी है। दो दिनों से रुक- रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने प्रखंड के बीडीओ और कर्मचारियों की नींद हराम हो गई है। जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। छतों पर लगाया गया प्लास्टिक भी अब मदद नहीं कर रहा है। यदि यह कहा जाए कि प्रखण्ड केे हजारों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर बेघर गरीबों को मक्का का घर बनवाने वाले ही बेघर हैं, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए।

प्रखण्ड में कार्यरत प्रखंड विकास पदाधिकारी बैजू मिश्रा तो अपने आवास की छत के ऊपर प्लास्टिक डाल कर किसी तरह अपना समय काट रहे हैं। लेकिन प्लास्टिक भी लगातार हो रही बारिश के कारण अब मदद नहीं कर पा रही है।

प्रखण्ड कार्यालय में अपने विभिन्न कार्यों के निष्पादन हेतु पहुंचे आम नागरिकों की उम्मीदें पर तब पानी फिर जाता है, जब सरकारी आवासों का इतना बुरा हाल देखते हैं। 50 वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन अब बरसात नहीं झेल पा रही है। वर्षा तेज होते ही भवन के अन्दर पानी टपकने लगता है। इन सरकारी भवनों की छत और दीवारें बुरी तरह जर्जर हो गई हैं। बारिश के पानी में प्रखण्ड कार्यालय परिसर के सरकारी आवास कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं। दीवारें इतनी कमजोर और जर्जर हो गई हैं कि उसके ऊपर अगर दो इंच कंक्रीट सीमेंट की ढलाई करा दिया जाय तो शायद पानी टपकने से राहत मिल जाती, परन्तु दीवार इतनी जर्जर हो गई है कि जिसके कारण अब दीवार में ज्यादा वजन सहने की क्षमता नहीं बची है। दीवारें मिट्टी के गिलावा से बनाई गई थीं, जो अब नाकामयाब हो गई हैं।

प्रखंड कार्यालय का जर्जर आवास।

सिटी रिपोर्टर|नौहट्टा

कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण स्थानीय प्रखण्ड कार्यालय परिसर स्थित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा कर्मचारियों के रहने वाले सरकारी आवास की छतें पूरी तरह टपकने के कारण सरकारी भवनों की हालत जहां दयनीय व जर्जर है। वहीं आवासों की छतों से बारिश का पानी टपकने से अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके बीवी- बच्चों की नींद हराम हो गयी है। दो दिनों से रुक- रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने प्रखंड के बीडीओ और कर्मचारियों की नींद हराम हो गई है। जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। छतों पर लगाया गया प्लास्टिक भी अब मदद नहीं कर रहा है। यदि यह कहा जाए कि प्रखण्ड केे हजारों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर बेघर गरीबों को मक्का का घर बनवाने वाले ही बेघर हैं, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए।

प्रखण्ड में कार्यरत प्रखंड विकास पदाधिकारी बैजू मिश्रा तो अपने आवास की छत के ऊपर प्लास्टिक डाल कर किसी तरह अपना समय काट रहे हैं। लेकिन प्लास्टिक भी लगातार हो रही बारिश के कारण अब मदद नहीं कर पा रही है।

प्रखण्ड कार्यालय में अपने विभिन्न कार्यों के निष्पादन हेतु पहुंचे आम नागरिकों की उम्मीदें पर तब पानी फिर जाता है, जब सरकारी आवासों का इतना बुरा हाल देखते हैं। 50 वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन अब बरसात नहीं झेल पा रही है। वर्षा तेज होते ही भवन के अन्दर पानी टपकने लगता है। इन सरकारी भवनों की छत और दीवारें बुरी तरह जर्जर हो गई हैं। बारिश के पानी में प्रखण्ड कार्यालय परिसर के सरकारी आवास कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं। दीवारें इतनी कमजोर और जर्जर हो गई हैं कि उसके ऊपर अगर दो इंच कंक्रीट सीमेंट की ढलाई करा दिया जाय तो शायद पानी टपकने से राहत मिल जाती, परन्तु दीवार इतनी जर्जर हो गई है कि जिसके कारण अब दीवार में ज्यादा वजन सहने की क्षमता नहीं बची है। दीवारें मिट्टी के गिलावा से बनाई गई थीं, जो अब नाकामयाब हो गई हैं।

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